कायमगंज। 46 साल पुरानी जर्जर चीनी मिल सीजन के आखिरी समय में बार-बार बंद हो रही है। इससे किसानों की धड़कने बढ़ रही हैं। गुरुवार शाम छह बजे तकनीकी खराबी से पेराई बंद हो गई। आठ घंटे चली मरम्मत के बाद मिल को चालू किया जा सका। इससे किसान परेशान रहे।
चीनी मिल में पेराई का अंतिम समय चल रहा है। ऐसे में मिल की पुरानी मशीनें बार-बार धोखा दे रही हैं। बुधवार को वायलर की ट्यूब में लीकेज होने से 35 घंटे बाद पेराई शुरू हो पाई थी। इसके बाद गुरुवार शाम छह बजे मिल हाउस में लगे कैन कैरियर में खराबी आ गई। इससे पेराई ठप हो गई। मिल के तकनीकी कर्मियों ने मरम्मत शुरू की तो आठ घंटे लग गए। इसके बाद रात दो बजे पेराई शुरू हो सकी।
मिल यार्ड में गन्ना तौल कराने आए किसानों ने मिल चालू होने के बाद राहत की सांस ली। किसानों का कहना है कि आठ घंटे पेराई बंद रहने से तौल रुक गई। इससे किसानों का समय बर्बाद हुआ। गन्ना तौल प्रभावित हुई है। जीएम किशनलाल ने बताया कि पेराई सत्र अंतिम दौर में है। मशीनों में छोटी-मोटी खराबी हो जाती है। रात में ही मरम्मत के बाद पेराई शुरू हो गई थी।