फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने बाइक लुटेरों को दोषी पाकर पांच साल की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
मेरापुर थाना व कस्बा निवासी अनिल कुमार सात नवंबर 2016 को बाइक से बेवर से लौट रहा था। गनेशपुर चौराहा मेरापुर में वह सड़क किनारे बाइक खड़ी कर लघुशंका करने लगा। तभी बाइक से तीन युवक आए और एक युवक उसकी बाइक को स्टार्ट कर लूट ले गया। अनिल कुमार ने घटना की रिपोर्ट मेरापुर थाने में अज्ञात में दर्ज कराई थी।
24 फरवरी 2017 को पुलिस ने बदायूं जिले के थाना बिसौरी के गांव वियोर निवासी अनूप सिंह गौर को पकड़ा और उसके पास से बाइक बरामद की। विवेचना के बाद विवेचक ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिंह व केके पांडेय ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने बाइक लुुटेरे को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया।
डकैती की योजना बनाने में चार साल छह माह की सजा
विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने डकैती की योजना बनाने में पकड़े गए युवक को दोषी पाकर चार साल छह माह की सजा से दंडित किया है। पांच हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है। फतेहगढ़ कोतवाली के तत्कालीन थानाध्यक्ष तेजवीर सिंह 23 सितंबर 1999 को गश्त कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर भोलेपुर छिबरामऊ बस अड्डे पर पहुंचे। वहां सड़क पर वाहन चालकों को लूटने व डकैती डालने की योजना बनाने में शहर के गांव अमेठी निवासी पप्पू सिंह को गिरफ्तार किया था।