फर्रुखाबाद। बुधवार को मालगाड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका है। आरपीएफ की जांच में गेटमैन और उसके साथियों की भूमिका संदिग्ध सामने आ रही है। हालांकि रेलवे की उच्च स्तरीय जांच टीम की जांच रिपोर्ट के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यदि गेटमैन दोषी पाया जाता है तो गेट तोड़ने में उसके सहयोगियों का फंसना भी तय माना जा रहा है।
फर्रुखाबाद-कानपुर रेल मार्ग पर कमालगंज-फतेहगढ़ स्टेशन के बीच नगला पजाबा रेलवे क्रॉसिंग पर बुधवार शाम को कानपुर से कासगंज की ओर जा रही मालगाड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई थी। दुर्घटना में आलू भरी ट्रॉली के परखचे उड़ गए थे। दुर्घटना के बाद आरपीएफ ने ट्रैक्टर और ट्रॉली का मलबा कब्जे में ले लिया था। ट्रैक्टर चालक और आसपास के लोगों का कहना था कि फाटक खुला था। इस पर आरपीएफ ने जांच की। इसमें गेटमैन की भूमिका संदिग्ध सामने आई। यही नहीं दुर्घटना के बाद गेट तोड़ने में उसने गई अन्य लोगों का सहयोग भी लिया। हालांकि रेलवे ने उच्च स्तरीय जांच टीम बना दी है। शीघ्र ही जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
आरपीएफ इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि साक्ष्य के आधार पर गेटमैन भी दोषी लग रहा है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट अफसरों को भेज दी है। अब रेलवे जांच टीम की रिपोर्ट आने पर मुकदमा दर्ज करेंगे। उनकी कोशिश है कि दोषी बचे ना और निर्दोष पर कार्रवाई ना हो।