कायमगंज। शुक्रवार को नगर के मोहल्ला चिलांका में फांसी के फंदे पर लहूलुहान हालत में लटके मिले टेंपो चालक की मौत को पुलिस आत्महत्या मान रही है। पुलिस के मुताबिक चालक अपनी पत्नी को चाकू से गोदकर यह समझ बैठा कि उसकी मौत हो गई है। इसी घबराहट में उसने घर आकर फांसी लगाकर जान दे दी।
मोहल्ला चिलांका निवासी नसरुद्दीन (45) गुरुवार को फर्रुखाबाद के मोहल्ला अस्तबल तराई स्थित मायके में रह रही पत्नी शमीम को बुलाने गया था। वहां उसने पत्नी को चाकू से गोदकर घायल कर दिया था। इसके बाद शुक्रवार सुबह नसरुद्दीन का शव घर की एक धन्नी में रस्सी से लटका मिला था। उसके पैर धारधार हथियार के वार से लहूलुहान थे। पैंट खून से सनी थी। शव की हालत देखकर बेटा शान व अन्य परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। मगर पुलिस की जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर युवक ने आत्महत्या की है। इसलिए पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।
चौकी प्रभारी रहमत खान ने बताया पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आई है और गले की हड्डी टूटी है। हत्या कर लटकाने के मामले में हड्डी नहीं टूटती है। इसके अलावा जांच में पता चला है कि जब नसरुद्दीन ने पत्नी पर हमला किया तभी उसके पैरों में चोट लगी थी। बस से उतरते समय कई लोगों ने देखा भी था। नसरुद्दीन ने यह समझा घायल पत्नी मर गई होगी। इससे वह अवसाद में आ गया और अकेले घर में उसने आत्महत्या कर ली।