फर्रुखाबाद। न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस यादव ने मारपीट के मुकदमे में दंपती और उनकी दो पुत्रियों को दोषी पाकर एक-एक साल कैद की सजा सुनाई है। 50-500 रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन की सजा भुगतने का प्रावधान किया है।
मेरापुर क्षेत्र के गांव गुरऊशादी नगर निवासी राधारानी ने जेठ अशोक दुबे, जेठानी शांती देवी, भतीजी रेखा और ममता के खिलाफ कोर्ट में 2007 में परिवाद दर्ज कराया था। कहा कि जेठ और पति में पुस्तैनी मकान का बंटवारा हो गया, लेकिन रास्ता एक ही था। 22 अक्तूबर 2007 को जेठ रास्ते को बंद करने लगे। पति ने रास्ता बंद करने का विरोध किया। इससे नाराज जेठ गाली गलौज करने लगे।
तभी जेठानी और उनकी दोनों पुत्री आ गईं। सभी लोगों ने पति के साथ मारपीट शुरू कर दी। यह देखकर पति को बचाने गई और पति को कमरे ले आई। जेठ, जेठानी व भतीजी ने कमरे में घुस कर पति के साथ मारपीट की। इससे पति चुटहिल हो गए। परिवाद पर सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अशोक दुबे, शांतीदेवी, रेखा व ममता को दोषी पाकर कैद की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।