फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग के संसाधनों पर सरकार भले ही करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन सेवाएं जस की तस हैं। जनपद में दिसंबर में खुले 42 उपस्वास्थ्य केंद्रों में अधिकांश कागजों तक ही सीमित हैं।
25 केंद्रों पर एएनएम जाती नहीं, जबकि 17 पर इनकी नियुक्ति ही नहीं है। इन केंद्रों के लिए उपकरण, फर्नीचर आदि संसाधनों पर दो-दो लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की व्यवस्था सर्वाधिक बदहाल है।
प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए गुरुवार को पेश किए गए बजट में 10 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए की है। जनपद में दिसंबर 2021 में मुख्यमंत्री ने 42 उपस्वास्थ्य केंद्रों का शुभारंभ किया था।
भवन निर्माण न होने तक इन केंद्रों को किराये के भवन में चलाया जाना है। उपकरण व फर्नीचर खरीदने के लिए शासन से 84 लाख रुपये स्वास्थ्य विभाग को दिए गए थे। दो-दो लाख रुपये प्रति केंद्र के हिसाब से सामग्री भी खरीदी जा चुकी है।
केंद्रों के लिए जिले में 42 एएनएम की एनएचएम के तहत भर्ती होनी थी। इनमें 25 की नियुक्ति होने के साथ उन्हें केंद्रों पर तैनात भी कर दिया गया है। बाकी 17 पर एएनएम संबद्ध की गईं हैं।
हकीकत यह है विभाग के लचर रवैया के चलते एएनएम के न पहुंचने से अधिकांश उपस्वास्थ्य केंद्र खुलते ही नहीं हैं। कुछ केंद्र यदा-कदा ही खुलते हैं। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
17 उपस्वास्थ्य केंद्रों की सामग्री स्टोर में डंप
42 स्वास्थ्य उपकेंद्र खुलना तो दूर जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते कई उपकेंद्रों के लिए किराए के भवन ही नहीं मिले हैं। पांच माह से 17 केंद्रों का फर्नीचर व उपकरण स्टोर में डंप है। जब सामग्री ही नहीं पहुंची तो केंद्र खुलने का सवाल ही नहीं उठता। तैनात की गईं 25 एएनएम में भी अधिकांश ड्यूटी करने नहीं जाती हैं। वह जिम्मेदारों की मेहरबानी पर घर बैठे पगार ले रही हैं। संबद्ध एएनएम खुद को ओवरलोड बताकर पल्ला झाड़ रही हैं।
इन 25 केंद्रों पर तैनात हैं एएनएम
ब्लाक कमालगंज के गांव कतरौली पट्टी, नगरिया, रूनीचुरसई, मेदा श्यामपुर, मोहम्मदाबाद में जल्लापुर, बीघामऊ, अलावलपुर, कान्हेपुर, बनकटी, सिनौड़ा पृथ्वी, पमर खिरिया, पुनपालपुर, करनपुर मजरा बांसमई, सिठऊपुर कुर्मी, नवाबगंज के गांव स्यानी, कक्योली, कायमगंज के कादरदादपुर, जौरा, गूजरपुर, पचरौली महादेवपुर, शमसाबाद के नगला बसोला, महमूदपुर मूसेपुर, दनियापुर, राजेपुर के गांव बिचपुरिया व बढ़पुर के चौसपुर उपस्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम तैनात हैं। इनमें अधिकांश केंद्रों पर एएनएम के न पहुंचने से ताला जड़ा रहता है।
एएनएम न होने से नहीं भेजी गई सामग्री
एनएचएम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. दलवीर सिंह ने बताया कि शासन से 25 एएनएम मिलने से इतने ही केंद्रों पर सामग्री भेजी गई। सुरक्षा की दृष्टि से शेष 17 केंद्रों की सामग्री अभी स्टोर में रखी है। एएनएम से दूसरी योजनाओं का काम लिए जाने से वह केंद्र नहीं खोल पा रही होंगी, फिर भी इसकी समीक्षा की जाएगी।