कायमगंज स्थित करीम नगर ईदगाह में नमाज अदा करते लोग। संवाद
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फर्रुखाबाद। बकरीद पर ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा की गई। अमन और तरक्की की दुआ मांगी गई। इसके बाद जानवरों की कुर्बानियां दी गईं। दिन भर एक-दूसरे को बधाई देने का दौर चलता रहा। नमाज के वक्त लगीं दुकानों पर बच्चों ने खिलौने और गुब्बारे खरीदे। डीएम और एसपी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।
रविवार को बकरीद पर ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह नमाज अदा की गई। खुदा के दरबार में मुल्क में शांति के लिए दुआ के लिए हजारों हाथ उठे। पुरानी ईदगाह में मौलाना शमशाद अहमद चतुर्वेदी व नई ईदगाह में मौलाना मुफ्ती मोअज्जम अली ने नमाज अदा कराई। मुफ्ती मोअज्जम अली ने कहा कि बकरीद अल्लाह की बारगाह में कुर्बानी पेश करने का दिन है। अल्लाह ने जिनको दौलत से नवाजा है, उन पर कुर्बानी फर्ज है।
मौलाना शमशाद अहमद चतुर्वेदी ने कहा कि जिनके दिलों में अल्लाह का खौफ है, वही कुर्बानी कराते हैं। ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें दौलत तो मिली मगर कुर्बानी नहीं कराते। अल्लाह से डरने वाले बने और उनकी राह में खर्च करें। दौलत साथ जाने वाली नहीं है।
ईदगाह के आसपास मेले जैसा नजारा रहा। नमाज पढ़ने आए बच्चों ने दुकानों से फुल्की व खिलौने खरीदे। घरों में कुर्बानी की रस्म अदा की गई। घरों में पकवान भी बने। देर रात तक एक दूसरे से गले मिलकर बुराइयों को भुलाने का दौर चलता रहा।
नमाज के वक्त डीएम संजय कुमार सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा बीबीगंज चौकी पर मुस्तैद रहे। अन्य स्थानों पर भी अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे रहे। अधिकारियों ने लोगों को ईद की मुबारकबाद दी। उधर, सेंट्रल जेल में करीब 200 कैदियों ने बकरीद की नमाज अदा की।