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फर्रुखाबाद: अनुपम दुबे का भाई डब्बन गिरफ्तार, व्यापारी पर हमले के मुकदमे में पुलिस ने की कार्रवाई

Sat, 25 Sep 2021 01:31 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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बसपा नेता अनुपम दुबे - फोटो : सोशल मीडिया
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फर्रुखाबाद में व्यापारी पर जानलेवा हमले और रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे के भाई अनुुराग दुबे उर्फ डब्बन को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। मुकदमे के दो आरोपी दो दिन पहले जेल भेजे जा चुके हैं। 
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शहर के मोहल्ला मजीद स्ट्रीट निवासी व्यापारी मोहन अग्रवाल ने 10 अक्तूबर 2020 को मोहल्ला वृंदावन गली निवासी सोनी रस्तोगी, वंशी रस्तोगी, गौरव गुप्ता और 30 अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि तमंचे और लाठी-डंडे लेकर दरवाजे पर आकर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी।

रंगदारी जमीन लिखाने (खरीदने) के एवज में मांगी गई। रुपये देने से मना करने पर फायर कर दिया, जिसमें वह बाल बाल बचे। आरोप है कि हमलावरों ने दरवाजा उखाड़ कर फेंक दिया और जान से मारने की धमकी देकर चले गए। सीओ सिटी नितेश सिंह की विवेचना में फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे के ठेकेदार भाई अनुुराग दुबे उर्फ डब्बन का नाम प्रकाश में आया।
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अनुराग के साथियों के साथ अयोध्या जाने की सूचना पर एसओजी प्रभारी जेपी शर्मा टीम के साथ शुक्रवार सुबह अयोध्या पहुंचे और एक आश्रम सेे गिरफ्तार कर लिया गया। शाम को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद अनुराग को जिला जेल भेज दिया गया। सोनी व वंशी को दो दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। 

नौकर के अपहरण की अफवाह रही
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव नखतपुर निवासी एक पूर्व सैनिक के नौकर के अपहरण की सूचना गुरुवार रात पुलिस को मिली। पुलिस की जांच में नौकर गांव के मकान पर मिला। इस मामले में फंसाने का आरोप लगाकर बसपा नेता के परिजन सोशल मीडिया पर लोगों से मदद की अपील करते रहे।

दूसरे जिले के अधिकारी से कराई जाए जांच
अनुपम दुबे की मां कुसुमलता दुबे ने मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर अनुपम पर फर्जी मुुकदमे दर्ज करने की शिकायत की थी। पेशी के दौरान धमकी देने के मुकदमे की जांच फर्रुखाबाद के अलावा रेंज के जनपद के अधिकारी से कराने की मांग की थी। मानवाधिकार आयोग लखनऊ के सदस्य ओपी दीक्षित ने आईजी रेंज कानपुर मोहित अग्रवाल से 25 अक्तूबर तक कार्रवाई कर जवाब मांगा गया है। 
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