फर्रुखाबाद। शहरी मतदाता शिक्षित तो माने जाते हैं, लेकिन मतदान में पीछे हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में शहरी बूथों पर मतदान प्रतिशत कम रहा था। यहां के मतदाताओं ने लोकतंत्र के पर्व में रुचि नहीं दिखाई। अब फिर उन्हें लोकतंत्र की मजबूती के लिए अपने वोट की ताकत दिखाने का समय आ गया है।
लोकतंत्र में मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। शहर में निवास करने वाले लोग शिक्षितों में गिने जाते हैं। राजनीति में भी बड़ी रुचि होती है, लेकिन लोकतंत्र के पर्व में भागीदारी का समय आता है तो ग्रामीणों से काफी पीछे दिखते हैं। फर्रुखाबाद सदर विधानसभा क्षेत्र में 159 मतदान केंद्र व 417 बूथ हैं। तीन लाख 69 हजार 982 मतदाता है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 71 बूथों पर 50 प्रतिशत से भी कम मतदान हुआ।
ये बूथ शहर व शहर से सटे गांव के हैं। इनमें आठ बूथ तो ऐसे हैं, जहां 40 फीसदी से भी कम मतदान हुआ है। जीआईसी फतेहगढ़ के बूथ नंबर 111 पर 20.11 फीसदी लोगों ने ही वोट डाले। इस बूथ पर 875 मतदाताओं में से 176 ने ही मतदान किया।
इसी कॉलेज के बूथ 112 पर 38.18 प्रतिशत, सीपीएस कैंटोमेंट फतेहगढ़ के बूथ संख्या 106 पर 31.24, डीएन डीएन डिग्री कॉलेज के बूथ 113 पर 32.28, क्रिश्चियन इंटर कालेज के बूथ 277 पर 34 प्रतिशत, प्राथमिक स्कूल नेकपुर कला के बूथ 294 पर 37.03 प्रतिशत, बद्री विशाल के बूथ 284 पर 38.02 प्रतिशत व प्राथमिक स्कूल नगला प्रीतम के बूथ संख्या 307 पर 39.57 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया।
18 बूथों पर 45 फीसद से कम वोटिंग
सदर विधानसभा सीट के 18 शहरी बूूथों पर 40 से 45 प्रतिशत लोगों ने ही मतदान किया। 71 बूथों पर 50 प्रतिशत से कम मतदान हुआ था। इनमें 45 बूथों पर 45 प्रतिशत से लेकर 50 फीसदी लोगों ने ही वोट डाले थे। इससे प्रशासन को ग्रामीणों से अधिक शहरी मतदाताओं को जागरूक करने की मशक्कत करनी पड़ रही है।
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने 20 फरवरी को विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए जिले के मतदाताओं को आमंत्रित किया है। उन्होंने भेजे आमंत्रण पत्र में कहा कि लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लेकर मतदाता अपने नेता का पांच वर्ष के लिए चुनाव करते हैं। यह गर्व की बात है कि हम एक ऐसे गणतंत्र के निवासी हैं, जहां अपने शासन के लिए जनप्रतिनिधियों का चुनाव अपने वोट से करते हैं।
मतदाता का वोट लोकतंत्र की बुनियाद है। मताधिकार का प्रयोग उज्ज्वल भविष्य की संकल्पना को साकार करने में सक्षम है। मतदाताओं से अनुरोध किया कि 20 फरवरी को मतदान अवश्य करें। महिलाएं जिस तरह गृहस्थी के फैसले लेकर घर को उन्नति के शिखर पर पहुंचाती हैं, उसी तरह मतदान कर राष्ट्र के लिए अपनी भूमिका का निर्वहन करें। युवा, वृद्ध, दिव्यांग मतदाताओं से सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए मतदान करने की अपील की है।
सदर विधानसभा सीट पर 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें सात प्रत्याशी शहर के हैं। भाजपा प्रत्याशी विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी शहर के मोहल्ला सेनापति के निवासी हैं। बसपा प्रत्याशी विजय कटियार (नेकपुर कला मिशन कंपाउंड निवासी), आम आदमी पार्टी से नीरज प्रताप शाक्य (शहर से सटे गांव सातनपुर), भारतीय शक्ति चेतना पार्टी से राजेश कुमार (मोहल्ला गंगानगर कबाड़ी वाली गली), स्वतंत्र इंडियन लेबर पार्टी से विक्रांत सिंह (शहर से सटे गांव भगुआ नगला), निर्दलीय में कृष्ण कुमार तिवारी (मोहल्ला नाला मछरट्टा सुनार गली) व डॉ. भारत चंद्र गौड़ फतेहगढ़ के मोहल्ला हाथीखाना के निवासी हैं। इसके अलावा कांग्रेस प्रत्याशी लुईस खुर्शीद (कायमगंज के गांव पितौरा), सपा प्रत्याशी सुमन शाक्य उर्फ सुमन मौर्या (ताजगंज-आगरा), जन अधिकार पार्टी से रुचि सिंह (रायबहादुर रामचरन रोड प्रयागराज) व जनता दल (यूनाइटेड) से इंदिरापुरम गाजियाबाद निवासी वरुण अशोक सक्सेना सदर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।