फर्रुखाबाद। जनसेवा केंद्र संचालक को पकड़कर दो लाख रुपये मांगने के मामले में सिपाहियों के बाद सर्विलांस के दीवान को आरोपी बना दिया गया है। तीनों को निलंबित भी किया जा चुका है लेकिन अभी तक पुलिस लाइन में आमद नहीं कराई है।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नूरनगर निवासी जनसेवा केंद्र संचालक रंजीत को दस अक्तूबर की दोपहर थाने के दो सिपाहियों ने पकड़ लिया था। फर्जी आधार कार्ड बनाने का आरोप लगाकर सिपाहियों ने दो लाख रुपये की मांग की थी। सिपाही केंद्र संचालक को पकड़कर पूरे दिन इधर उधर घुमाते रहे और फिर चौकी आवास विकास में बंद कर दिया था।
रंजीत के पिता ने अमृतपुुर विधायक सुुशील शाक्य से शिकायत की थी। विधायक पीड़ित के पिता को लेकर आवास विकास चौकी गए। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। रंजीत को छोड़ दिया गया। मेरापुर थाने में रंजीत की तहरीर पर दोनों सिपाहियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया था। एएसपी ने आईजी के आदेश पर सिपाही रिंकू कुमार, कपिल व सर्विलांस के दीवान सत्येंद्र यादव को निलंबित कर दिया था। दीवान पर दोनों सिपाहियों को भेजकर रंजीत को पकड़वाने व दो लाख रुपये मंगवाने का आरोप था।
मुकदमे की जांच कर रहे सीओ सोहराब आलम ने दोनों सिपाहियों के बाद मुकदमे में दीवान सत्येंद्र का नाम भी प्रकाश में लाकर शामिल कर लिया है। सीओ ने पूछने पर बताया कि विवेचना के बारे में बताना ठीक नहीं है। यह गोपनीय है और उच्चाधिकारियों को बताया जाएगा।