जहानगंज (फर्रुखाबाद)। नवाबगंज क्षेत्र के गांव गुसरापुर निवासी शिवांगी (20) का शव शुक्रवार को महरूपुर खार गांव के पास झाड़ियों में पड़ा मिला। उसकी नाक, मुंह व गर्दन पर चोट के निशान थे और खून भी बह रहा था। वह गुरुवार सुबह घर से कंप्यूटर सीखने निकली थी। एसपी अशोक कुमार मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और खुलासे के लिए तीन टीमें बनाई हैं। शव के पास में नीली व सफेद धारीदार तौलिया भी मिली है।
आलूपुर गांव निवासी संतोष का पुत्र रितिक गुरुवार को महरूपुर खार गांव के पास बकरी चराने गया था। झाड़ियों में युवती का शव पड़ा देख वह चिल्लाने लगा। गांव नगला रघोल निवासी राहगीर स्वदेश पाल ने रितिक से जानकारी लेकर यूपी 112 पर पुलिस को सूचना दी। प्रभारी एसओ उदयवीर सिंह ने ग्रामीणों की मदद से शव बाहर निकलवाया।
बेटी की तलाश कर रहे पिता अरुण कुमार अग्निहोत्री शव मिलने की जानकारी पर पहुंचे। उन्होंने युवती की पहचान बेटी शिवांगी के रूप में की। बताया कि वह फर्रुखाबाद कंप्यूटर सीखने जाती थी। गुरुवार सुबह साढ़े सात बजे बेटी को मैजिक में बिठाकर भेजा था। आखिरी बार गुरुवार दोपहर दो बजे बात हुई थी। फिर शाम 4 बजे मोबाइल पर कॉल की तो फोन नहीं उठा। गुरुवार शाम पुलिस के पास शिकायत लेकर गए थे, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
पिता को छह घंटे तीन थानों में भटकाया
फर्रुखाबाद। कंप्यूटर सेंटर जाने के लिए निकली किसान की इकलौती बेटी लापता हो गई। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए उसे साढ़े छह घंटे, तीन थानों के चक्कर लगवाए गए। एसपी ने भी नवाबगंज थाने भेज दिया। साढे़ छह घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज की गई और उसके कुछ देर बाद लाश मिलने की सूचना दी गई। मोर्चरी में इकलौती बेटी का शव देखकर पिता का कलेेजा फट गया।
गुसरापुर गांव के किसान अरुण अग्निहोत्री की इकलौती बेटी शिवांगी (20) फर्रुखाबाद शहर के कंप्यूटर सेंटर में कंप्यूटर सीखती थी। कंप्यूटर सेंटर आने के लिए गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे अरुण ने उसे मैजिक वाहन पर बैठा दिया था। फर्रुखाबाद पहुंचने पर शिवांगी ने पिता को फोन कर स्टेशन के पास पहुंचने की जानकारी दी। उसने कहा था कि कुछ देर में कंप्यूटर सेंटर पहुंच जाएगी लेकिन वहां नहीं पहुंचीं।
अरुण ने बताया कि करीब चार बजे शिवांगी को फोन किया लेकिन उसका फोन नहीं उठा। 4:15 बजे उसका मोबाइल स्वीच ऑफ हो गया। आशंका होने पर रिश्तेदारी के अलावा अन्य स्थानों पर तलाश की लेकिन पता नहीं चला।
शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे वह शहर कोतवाली पहुंचे। करीब दस बजे कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय अपने आवास से निकले। उन्होंने कहा कि घटनास्थल उनके क्षेत्र का नहीं है, मऊदरवाजा थाने जाओ। करीब 12:30 बजे वह परिजनों के साथ मऊदरवाजा थाने पहुंचे। थानाध्यक्ष अजय नारायण सिंह ने उन्हें नवाबगंज थाने जाने की सलाह देकर टरका दिया। परेशान अरुण एसपी अशोक कुमार मीणा के पास पहुंचे।
उन्होंने नवाबगंज थाने जाकर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा। करीब डेढ़ बजे अरुण नवाबगंज थाने पहुंच गए। थानाध्यक्ष जिला मुख्यालय बैठक में गए थे। थानाध्यक्ष के लौटने पर शाम चार बजे शिवांगी के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद उन्हें थाने से ही शव मिलने की सूचना दी गई। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो वहां रखा शव शिवांगी का था।
गांव महरूपुर खार के पास युवती का शव मिलने के बाद लगी भीड़ व खड़े पुलिस कर्मी। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD