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जांच में 656 छात्रों का डाटा निकला संदिग्ध

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फर्रुखाबाद। पूर्वदशम छात्रवृत्ति के लिए आनलाइन किए गए आवेदनों की जांच स्टेट एनआईसी लखनऊ द्वारा किए जाने पर 656 छात्रों का डाटा संदिग्ध निकला है। वहां से सूची आने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने डीआईओएस को डाटा की जांच कराकर सही कराने का आदेश दिया है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव लोचन मिश्रा ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2021-22 के लिए पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किए थे। इनको विद्यालय स्तर से अग्रसारित किया गया। लखनऊ में एनआईसी में डाटा की जांच हुई तो जिले के 60 विद्यालयों के सामान्य वर्ग के कुल 552 छात्रों और अनुसूचित जाति के 104 छात्रों का डाटा में गड़बड़ी पाई गई। इससे 656 छात्रों का डाटा संदिग्ध होने की रिपोर्ट आई है। डीआईओएस डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विद्यालयों को सूची भेज कर जांच कराकर डाटा सही कराया जा रहा है।
फर्रुखाबाद। यूपी बोर्ड परीक्षा के परीक्षा केंद्र बनाने के लिए 217 विद्यालय के प्रधानाचार्यों ने स्कूल भवनों की जियो टैगिंग कराई गई थी। इसमें प्रधानाचार्यों ने लापरवाही बरती। ज्यादातर ने विद्यालय परिसर की जगह साइबर कैफे या घर से जियो टैगिंग कर दी। इससे पिछली साल की अपेक्षा इस साल 122 विद्यालयों की जियो टैगिंग में भिन्नता मिली। यूपी बोर्ड के सचिव ने डीआईओएस को स्कूल भवनों की ठीक से जियो टैगिंग कराने के आदेश दिए हैं। डीआईओएस डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी ने दोबारा ठीक से जियो टैगिंग कराई जाएगी। (संवाद)
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फर्रुखाबाद। माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 विद्यालयों ने कक्षा छह से आठ तक के 1204 छात्र-छात्राओं का डाटा डीबीटी पर अभी तक अपलोड नहीं कराया है। डाटा अपलोड न होने से इन छात्रों को यूनिफार्म आदि का धन मिलने में देरी हो रही है। बीईओ की रिपोर्ट पर डीआईओएस डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी ने प्रधानाचार्यों को जल्द डाटा अपलोड करने के आदेश दिए हैं। (संवाद)
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