फर्रुखाबाद। एंटी डकैती कोर्ट ने मां बेटों के खिलाफ शहर कोतवाल को लूट का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इसमें पीड़ित ने घटना के दौरान पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाया है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला रस्तोगी निवासी प्रमोद कुमार रस्तोगी ने सौंफ वाली कोठी निकट मित्तू कूंचा निवासी सुनीता देवी व उनके पुुत्र रोहित गुप्ता, अमन गुप्ता, आकाश, अमित गुप्ता के खिलाफ एंटी डकैती कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।
इसमें बताया कि सुनीता देवी के ससुर विश्वनाथ गुुप्ता से दो गोदाम किराए पर लिए थे। प्रमोद कुमार रस्तोगी की राम होजरी के नाम से नेहरू रोड पर होजरी की दुकान है। गोदाम का किराया हर महीने सुनीता व उनके पुत्रों को देते आ रहे हैं। 12 जुुलाई को गोदाम पर गया तो ताले टूटे देखे।
वहां मौजूद सुनीता देवी बचा हुआ सामान उठवा रही थीं। गोदाम से लाखों रुपये का सामान कहां गया। यह पूछने पर सुनीता देवी व उसके पुत्रों ने जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित प्रमोद कुमार रस्तोगी ने गोदाम का ताला तोड़कर लाखों रुपये लूटने का आरोप लगाया और घटना के बाद कोतवाली में तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। एंटी डकैती न्यायाधीश ने शहर कोतवाल को लूट का मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए।