फर्रुखाबाद। कोरोना के चलते जिला जेल से साठ दिन की पैरोल पर छोड़े गए पांच बंदी समयावधि पूरी होने के बाद भी वापस नहीं आए हैं। जेल प्रशासन ने पांचों बंदियों को हाजिर कराने के लिए संबंधित थानों में पत्राचार भी किया है। इसमें एक महिला बंदी भी है।
जिला जेल से 14 व 24 अगस्त को कोरोना के चलते नौ बंदियों को साठ दिन की पैरोल पर छोड़ा गया था। सभी बंदियों को निर्धारित समयावधि के अंदर जेल में वापस आने की हिदायत भी दी गई थी। चार बंदी समय पूरा होते ही वापस आ गए। लेकिन पांच बंदियों ने जेल में वापसी नहीं की है। उनके परिजनों को जेल प्रशासन की ओर से कई बार मोबाइल पर फोन करके भी आगाह किया गया।
इन बंदियों में कोतवाली कायमगंज के गांव रायपुर निवासी रज्जन खां, मोहम्मदाबाद कोतवाली व कस्बा निवासी रघुनंदन, मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव हथौड़ा निवासी तुलसा देवी, जनपद कानपुर नगर कोतवाली बिल्हौर के उत्तरीपूरा निवासी किशन लाल व जनपद मथुरा थाना व कस्बा कोसी कला निवासी विजय कुमार शामिल हैं।
जेल प्रशासन की ओर से पांचों बंदियों के संबंधित थानों में पत्राचार कर बंदियों को हाजिर कराने की बात कही है। जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक रामधनी ने बताया कि पैरोल पर छोड़े गए बंदियों की वापसी को लेकर कार्रवाई की जा रही है। जेलर अखिलेश कुमार ने बताया कि बंदियों से संबंधित थानों में पत्राचार किया गया है। (संवाद)
शासन ने बंदियों के संबंध में मांगा जवाब
डीजीपी मुख्यालय से गुरुवार को एसपी के कार्यालय में पत्र भेजा गया है। इसमें यूपी के बीस जिलों का हवाला देकर कहा गया कि इन जिलो में पैरोल पर छोड़े गए बंदियों की सूची, वापस आए बंदियों की सूची व वापस न आने वाले बंदियों को पकड़ने के लिए गठित टीमों का जवाब भेजा गया है। जबकि फर्रुखाबाद से इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया गया है। शीघ्र इस मामले में सूची बनाकर मुख्यालय भेजी जाए।