फर्रुखाबाद। पिछले दिनों हुए बारिश से जिले में 4106 हेक्टेयर में बोई गई आलू की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। सरसों की 1342 और धान की तैयार 2206 हेक्टेयर फसल बर्बाद भी हुई है। अक्तूबर में गंगा व रामगंगा में आई बाढ़ से फसलों को नुकसान का सर्वे चल रहा है।
जिले में 16, 17 व 18 अक्तूबर को भारी बारिश हुई थी। खेत तालाब में तब्दील हो गए थे। इससे बोई गई आलू व सरसों की फसलें डूब गई। वहीं तैयार खड़ी धान की फसल के पौधे भी पानी में ही पलटकर खराब हो गए। इन फसलों में हुई क्षति के आंकलन के लिए सर्वे चल ही रहा था। इसी बीच पहाड़ों पर हुई बारिश का पानी गंगा व रामगंगा में छोड़ा गया तो बाढ़ आ गई। अमृतपुर क्षेत्र का सर्वाधिक क्षेत्रफल बाढ़ से प्रभावित हुआ।
ब्लाक कमालगंज, शमसाबाद व कायमगंज क्षेत्र में भी बाढ़ से फसलों में नुकसान हुआ है। कृषि विभाग की ओर से बारिश के बाद कराया गया सर्वे पूरा हो चुका है। शासन को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार जनपद में 6733.65 हेक्टेयर आलू बोया गया था। इसमें 4106.90 हेक्टयर फसल में बारिश से 60 प्रतिशत नुकसान हुआ। इससे 10265 किसान प्रभावित हुए। वहीं 2300.47 हेक्टेयर भूमि पर सरसों की फसल बोयी गई।
इसमें बारिश से 1342.78 हेक्टेयर फसल में 58.37 प्रतिशत क्षति होने से 4697 किसानों को नुकसान हुआ है। जिले में 5936 हेक्टेयर रकवे पर धान की फसल तैयार खड़ी थी। बारिश से 2204.94 हेक्टेयर फसल में 37.17 प्रतिशत क्षति का आंकलन किया गया है। इससे 6618 किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। इन किसानों को फसलों में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए बीमा कंपनी को रिपोर्ट भेजी गई है।
एसडीएम अमृतपुर प्रीती तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में बारिश व बाढ़ से क्षति के आंकलन के लिए सर्वे चल रहा है। अभी तक लेखपालों ने 457.611 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसलें नष्ट होने की रिपोर्ट मिली है। सर्वे पूरा होने के बाद भी क्षति का आंकलन किया जा सकेगा।
उपकृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि जनपद में बारिश में फसलों के नुकसान का सर्वे पूरा होने के साथ शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। बाढ़ में फसलों के नुकसान का सर्वे अभी चल रहा है। रिपोर्ट मिलने पर नुकसान का आंकलन हो पाएगा।
किसानों ने बयां किया दर्द
अमृतपुर क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी बालकृष्ण शुक्ला ने बताया कि बारिश में उनकी पांच बीघा आलू व पांच बीघा सरसों की फसल बर्बाद हो गई। इसके बाद बाढ़ आ गई। इससे फसल की उम्मीद ही नहीं रही। अब खेतों में पानी जब सूखेगा तभी बुवाई का इंतजाम किया जाएगा।
गांव नगला हूसा निवासी रामनरेश मिश्रा ने बताया कि उनकी 15 बीघा धान व छह बीघा सरसों की फसल बारिश व बाढ़ में बर्बाद हो गई।
अंबरपुर के निवासी बाबूराम ने कहा कि बाढ़ व बारिश से 19 बीघा धान व 10 बीघा गन्ना की फसल नष्ट हो चुकी है। अभी सर्वे भी नहीं हुआ है।
अंबरपुर के संजीव ने कहा कि 18 बीघा धान की फसल तैयार थी। इससे वह बहुत उम्मीदें लगाए बैठे थे। अब उम्मीदों पर ही पानी फिर गया है।