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आसमान में छाए बादल, बूंदाबांदी से बढ़ी चिंता

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फर्रुखाबाद। जिले में तीन दिन से बादल छाए हैं और शनिवार को बूंदाबांदी भी हुई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश होने से आलू, गेहूं व सरसों की फसलों को नुकसान होने की आशंका है। बादलों के कारण अगैती आलू में झुलसा लगने की भी आशंका है।
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पिछले महीने मूसलाधार बारिश से आलू की अगैती फसल के साथ सरसों व धान की फसलों को भारी नुकसान हुआ था। ज्यादातर किसानों को दोबारा आलू व सरसों की बुवाई करनी पड़ी। अब फसल खेतों में जमी है तो फिर बादल छा गए हैं। सरसों की कुछ फसलों में फूल भी आने लगे हैं। अगर लगातार बदल रहे तो माहू कीट लग जाएगा।
गेहूं की बुवाई भी चल रही है। बारिश होने बुवाई पिछड़ जाएगी। कटरी क्षेत्र के उन किसानों तो बुवाई ही नहीं हो पाएगी, जहां अभी बारिश का पानी भरा है।
सरसों तेल के आसमान छूते दामों से परेशान किसानों ने इस बार सरसों की फसल की बुवाई की है। तमाम खेतों में सरसों की फसल फूलने लगी है। बादल होने से माहू रोग लगने की आशंका से किसान मुश्किल में हैं।
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मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के खेतों में जम चुकी आलू की फसल में किसान पानी लगाने से कतरा रहे हैं। किसानों का कहना है कि सिंचाई के बाद अगर बारिश हो गई तो आलू की फसल खराब हो जाएगी।
मौधा के किसान अरविंद के खेत में आलू अभी सही से उगा भी नहीं है। अगर बरसात हो जाती है, तो आलू फसल को नुकसान होगा। पहले भी बरसात होने से आलू बर्बाद हो गया था। सरकार को मुआवजा देना चाहिए।
मौधा के संजीव कुमार ने कहा कि गेहूं के लिए पलेवा कर दिया है। अगर बरसात हो गई, बुवाई लेट हो जाएगी। पहले आलू की बुवाई लेट हो चुकी है। मौसम बदलने से खेतों का पलेवा रोक दिया गया है।
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