कंडम विद्यालय भवनों में भी पढ़ेेंगे बच्चे
अमृतपुर। कोरोना काल में शिक्षण न होने के बाद भी परिषदीय स्कूलों के जर्जर भवनों की मरम्मत नहीं हुई है। मंगलवार से कक्षा 6 से आठ तक के बच्चों की पढ़ाई शुरू होगी। तब कई विद्यालयों के जर्जर भवनों में भी पढ़ाई होगी। इसमें कुतलूपुर का भवन भी है जिसे पीडब्ल्यूडी कंडम घोषित कर चुुका है। इसके बाद भी उसे न तो ध्वस्त कराया गया और न ही दूसरा भवन बना।
कोरोना के चलते सभी विद्यालय बंद कर दिए गए थे। दूसरी लहर से रहत मिलने के बाद एक जुलाई से शिक्षकों को स्कूल पहुंच कर विभागीय कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। अब 24 अगस्त से कक्षा 6 से 8 तक के विद्यालयों में पढ़ाई शुरू होगी। सितंबर से सभी कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
इस सबके बीच एक बार फिर से विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवनों में कक्षाएं लगेंगी। उदाहरण के तौर पर जूनियर हाईस्कूल कुतुलूपुर का भवन पूर्ण रूप से जर्जर है। कभी भी गिर सकता है।
इसे पीडब्ल्यूडी के अधिकारी निष्प्रयोज्य घोषित कर चुके हैं। इसके बाद भी शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने शिक्षकों व बच्चों के बैठने लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था नहीं की है।
जूनियर हाईस्कूल फखरपुर का स्कूल भवन भी जर्जर है। उसका प्लास्टर टूट कर गिर रहा है। इसको भी कंडम घोषित किया जा चुका है। प्राथमिक विद्यालय नगरिया जवाहर, नयागांव के भी स्कूल भवन भी खस्ताहाल हैं। प्राथमिक स्कूल गलारपुर का स्कूल भवन जर्जर होने से गिरा दिया गया था।
उसे दोबारा नहीं बनाया गया है। प्राथमिक स्कूल तीसराम की मड़ैया का स्कूल भवन गंगा की धारा में कट गया है। स्कूल भवन न होने से शिक्षक एक चौपाल पर बैठ रहे हैं। कुल मिलाकर परिषदीय स्कूलों के भवनों की हालत दयनीय है और कोई सुध नहीं ले रहा।
‘जर्जर स्कूल भवनों की सूचना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी जा चुकी है। जर्जर भवनों में बच्चे नहीं बैठेंगे। इसके लिए व्यवस्था की जाएगी।’
रमेश चंद्र जौहर, खंड शिक्षा अधिकारी अमृतपुर