अलहादादपुर भटौली में झोपडियों में पहुंचा बाढ़ का पानी। खतरे की ओर बढ़ने लगी गंगा.
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से गांवों में पानी भरना शुरू हो गया है। कई गांवों का आवागमन ठप हो गया और ग्रामीण गांवों में कैद हो गए है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव चलवाने की मांग की है।
गंगा में छोड़े जाने वाला पानी प्रतिदिन बढ़ने से जलस्तर बढ़ता जा रहा है। बुधवार को गंगा में नरौरा से 20420 क्यूसेक पानी और हरिद्वार से 49166 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस कारण गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर पहुंच गया है। वह चेतावनी बिंदु 137.10 मीटर की ओर बढ़ने लगी है। इसी तरह रामगंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है।
मंगलवार को रामगंगा का जलस्तर 134.15 था जो बुधवार को बढ़कर 134.25 मीटर पर पहुंच गया। इसमें खो हरेली बैराज से 4241 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा के जलस्तर बढ़ने से शीशराम की मढैया, रामपुर, सबलपुर में पानी भर गया। शीशराम की मढैया को जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से रास्ता कट गया है। गांव के लोगों का निकलना बंद हो गया। यहां बच्चे बाढ़ के पानी में खेलने का मजा लेते रहे।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार कटरी तौफीक और ऊगरपुर गांव में पानी भरने से संपर्क टूट गया है। इन गांवों के ग्रामीण गांवों से बाहर नहीं आ रहे है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, मंझा, सवितापुर, तीसराम की मढैया, बंगला में पानी भरने से संपर्क टूट गया है। इस कारण इन गांवों के लोग गांव में फंस गए है।