गांव हरसिंहपुर गहलवार में अमृत सरोवर की जेसीबी से होती खोदाई। संवाद
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फर्रुखाबाद। राजेपुुर क्षेत्र के गांव हरसिंहपुर गहलवार में 28.5 लाख रुपये से बन रहे अमृत सरोवर में मनरेगा श्रमिकों के हक पर जेसीबी चल रही है। तालाब की खोदाई श्रमिकों के बजाय जेसीबी से कराई जा रही है। भुगतान चहेतों के खाते में करने की तैयारी है।
सरकार ने भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने की मंशा से जिले भर में 75 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर बनाने के आदेश दिए हैं। यह काम मनरेगा श्रमिकों से कराया जाना है। जिम्मेदार तालाब की खोदाई में जानबूझ कर लेटलतीफी करते आ रहे हैं। मानसून आने में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। इससे अमृत सरोवर बनाने में मनरेगा श्रमिकों की जगह जेसीबी से खोदाई का दौर शुरू हो गया है।
मॉनीटरिंग में भी लापरवाही बरती जा रही है। इससे मनरेगा श्रमिकों का हक मारा जा रहा है। राजेपुर क्षेत्र के गांव हरसिंहपुर गहलवार में 28.5 लाख से स्वीकृत अमृत सरोवर के निर्माण में भी खोदाई के लिए जेसीबी लगाई गई है।
ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर वायरल भी किया है। बताया जा रहा कि मिलीभगत के खेल के चलते मनरेगा श्रमिकों की सूची में शामिल चहेतों के खातों में मजदूरी का भुगतान कर बंदरबांट करने की तैयारी है।
सूचना देने के बावजूद ब्लाक स्तरीय अधिकारी जांच करने नहीं आते हैं। राजेपुर के बीडीओ अशोक दुबे का कहना है कि जेसीबी से अमृत सरोवर की खोदाई कराने की सूचना नहीं है। सोमवार को गांव जाकर स्थिति देखेंगे। जेसीबी से खोदाई मिलने पर कार्रवाई तय की जाएगी।
ग्राम पंचायत से बनने वाले अमृत सरोवर की खोदाई मनरेगा श्रमिकों से ही कराई जाएगी। गांव हरसिंहपुर गहलवार में यदि जेसीबी से खोदाई कराई जा रही है तो यह नियम विरुद्ध है। इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -रामसिंह, मनरेगा उपायुक्त।