सुबह करीब 11 बजे बसपा नेता की पत्नी मीनाक्षी दुबे पहुंचीं। उन्होंने हाईकोर्ट से स्टे की बात कही, मगर पुलिस ने लालगेट से अंदर नहीं जाने दिया। दोपहर 12 बजे वह दोबारा पहुंचीं। चार पुलिस कर्मियों के साथ होटल तक गईं। उस वक्त बुलडोजर से पीछे की ओर बने भवनों को गिराया जा रहा था। उनकी स्टे की बात सुनने के बाद प्रशासन ने काम रोक दिया।
हालांकि उनके जाते ही डीएम संजय कुमार सिंह, एसपी विकास कुमार होटल पर पहुंचे। उन्होंने होटल के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करवा दी। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के चलते रात में ही लालगेट से आईटीआई और आसपास की सभी गलियों में बैरिकेडिंग करके नाकेबंदी कर दी थी।
कार्रवाई के दौरान कानपुर नगर, औरैया, इटावा, कन्नौज के तीन एएसपी, चार सीओ व 400 पुलिस कर्मी मुस्तैद रहे। ध्वस्त किए गए होटल की लागत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।