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बेमौसम बारिश का प्रभाव, गेहूं-भूसा हुए एक भाव

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कंपिल स्थित दुकान पर भूसा तौलता दुकानदार। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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कायमगंज। बारिश से धान का पुआल खराब होने से इन दिनों भूसा गेहूं के भाव बिक रहा है। इससे पशुपालक परेशान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि पशुओं के लिए भूसा खरीदें या खाने की खातिर गेहूं। बाजार में गेहूं करीब 20.50 रुपये प्रति किलो है तो वहीं फुटकर में भूसा 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
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धान की कटाई के समय बारिश से धान का पुआल खेतों में सड़ गया। अब हालात यह हैं कि पशुपालक भूसे के लिए परेशान हो रहे हैं। कुछ डेयरी संचालक खेतों में खड़ी गन्ने की फसल को 24 हजार रुपये प्रति बीघा खरीद रहे हैं। उसे कटर से काटकर पशुओं के लिए चारा बना रहे हैं। गन्ना किसान भी अपनी सहूलियत को देखते हुए खेत में खड़े गन्ने को बेच रहे हैं। वहीं, गोशालाओं में भूसा डंप होने की बात भी कही जा रही है। गन्ना किसान रोहित ने बताया कि एक बीघा में 60-65 क्विंटल गन्ना निकलता है। चीनी मिल में बेचने से कुछ काम दाम मिलते हैं। इससे किसान अपना गन्ना डेयरी वालों को बेच रहे हैं।
कंपिल रोड स्थित भूसा के थोक विक्रेता सुनील कुमार ने बताया कि इन दिनों भूसे के दाम आसमान पर हैं। बाहर से भूसा मंगा रहे हैं। भूसे के थोक भाव 1600 रुपये प्रति क्विंटल हैं तो फुटकर में यह दो हजार रुपये क्विंटल में बिक रहा है।
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मोहल्ला सधबाड़ा निवासी पशुपालक अमर सिंह ने बताया कि इन दिनों घर का दूध बाजार से महंगा पड़ रहा है। गेहूं के भाव में भूसा पशुओं को खिलाएं या खुद के लिए गेहूं खरीदें। समझ नहीं आ रहा है। महंगा भूसा खरीदकर जानवरों का पेट भरना मुश्किल पड़ रहा है।
गांव घसिया चिलौली निवासी पशुपालक श्याम सिंह ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि गेहूं के भाव में भूसा खरीदना पड़ रहा है। भूसे में इतनी महंगाई कभी नहीं देखी। धान की फसल का पुआल भीगने से ज्यादा दिक्कत है।
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