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एसपी का पीआरओ बन 30 हजार ठगने में तीन जेल गए

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पुलिस गिरफ्त में ठगी के आरोपी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। एसपी का पीआरओ बनकर 30 हजार रुपये ठगने के मामले में पुलिस ने अंतरजनपदीय तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने 30 हजार रुपये और चार मोबाइल बरामद किए हैं।
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अमृतपुर थाना व गांव निवासी पीयूष अवस्थी और उनके पिता दिनेश अवस्थी की सात मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अनुभव अवस्थी ने भाई और पिता की हत्या में गांव के ही लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के कुछ दिन बाद अनुुुभव के मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह एसपी का पीआरओ बोल रहा है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उसने 30 हजार रुपये मांगे। अनुभव ने 30 हजार रुपये गूगल-पे से ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद दो दिन बाद फिर कॉल आई। इस बार 50 हजार रुपये मांगे। इस पर अनुभव ने एसपी अशोक कुमार मीणा से शिकायत की। एसपी के आदेश पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
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खुलासे के लिए एसपी ने एसओ सुनील कुमार चौबे, एसओजी प्रभारी बलराज भाटी, सर्विलांस प्रभारी जेपी शर्मा को लगाया था। पुलिस की टीमों ने शुक्रवार को सीतापुर जिले के थाना व कस्बा मिश्रिख के मोहल्ला थोक निवासी सौरभ वाजपेई उर्फ संजय उर्फ रानू, गांव किशुनपुर निवासी रामधार मौर्य, गांव कुलुआ निवासी कुलदीप उर्फ चंद्र कुमार पाल को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 30 हजार रुपये और चार मोबाइल बरामद किए। एसपी अशोक कुमार मीणा ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि गिरोह का सरगना सौरभ मंत्री और अधिकारियों का पीआरओ बनकर फोन करके लोगों से रुपये ठगता था। रामधार मौर्य और कुलदीप उर्फ चंद्र कुमार पाल उसका सहयोग करते थे। पकड़े गए लोगों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
सरगना के खिलाफ दर्ज हैं सात मुकदमे
पीआरओ बनकर ठगी करने वाले सरगना सौरभ वाजपेई के खिलाफ सीतापुर और फर्रुखाबाद जिले में सात मुकदमे दर्ज हैं। इसमें चार मुकदमे ठगी के हैं। अन्य जिलों में भी सरगना और उसके साथियों को आपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
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