फर्रुखाबाद। शहर से सटे गांव विजाधरपुर में रास्ते की जमीन पर बने तीन मकानों पर सोमवार को बुलडोजर चला। तीनों मकान कुछ ही देर में ध्वस्त कर दिए गए। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर सदर तहसील टीम ने की। हालांकि अभी शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है, उनका कहना है कि नये निर्माण को ही ध्वस्त किया गया है। पुराने निर्माण को नहीं हटाया गया।
गांव विजाधरपुर निवासी शिवेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि गांव के सुनील, अनिल व रामनरेश ने रास्ते की भूमि पर कब्जा कर मकान बनवा लिए हैं। इससे रास्ता अवरुद्ध है। हाईकोर्ट ने मकान ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। 10 दिसंबर 2019 को एसडीएम ने सुनील के मकान को गिरा दिया, जबकि शेष दोनों मकानों का अतिक्रमण बरकरार रहा।
इस पर शिवेंद्र सिंह ने एसडीएम सदर के खिलाफ हाईकोर्ट में न्यायालय के आदेश की अवमानना का वाद दायर कर दिया। इस पर हाईकोर्ट ने एसडीएम से अतिक्रमण हटने के संबंध में जवाब मांगा तो सोमवार को एसडीएम सदर संजय सिंह लेखपालों और पुलिस बल के साथ बुलडोजर लेकर विजाधरपुर पहुंचे।
सुनील, अनिल व रामनरेश के मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। अतिक्रमण हटने के बाद एसडीएम चले गए। शिकायतकर्ता शिवेंद्र सिंह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से अभी संतुष्ट नहीं हुए।
उन्होंने एसडीएम को फोन कर कहा कि नये निर्माण का ही ध्वस्तीकरण किया गया है, जबकि उन्होंने शिकायत में मकान का पिछला हिस्सा भी दर्शाया है। उसे नहीं गिराया गया। एसडीएम सदर संजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2002 के नक्शे पर बेदखली के आदेश के अनुसार ध्वस्तीकरण करा दिया गया है।
तालाब पर कब्जा बरकरार
गांव विजाधरपुर की प्रधान रेनू यादव ने 17 दिसंबर 2021 को एसडीएम सदर से शिकायत की थी कि गांव के तालाब पर लोग अतिक्रमण कर रहे हैं। वह तालाब का सुंदरीकरण कराना चाहती हैं। कोई विवाद की स्थिति न बने, इससे राजस्व कर्मियों से तालाब की पैमाइश कराकर चिह्नांकन करा दिया जाए।
प्रधान रेनू यादव के पति भोला यादव ने बताया कि शिकायत के तीन माह बीत जाने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। तालाब पर लगाकर अतिक्रमण किया जा रहा है। इससे तालाब का ग्राम पंचायत से सुंदरीकरण भी नहीं हो पा रहा है।