मोहम्मदाबाद। बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे के निर्माणाधीन गेस्ट हाउस को राजस्व कर्मियों ने पुलिस की मौजूदगी में सील कर दिया। गेस्ट हाउस के अंदर रखे सभी सामान की सूची बनाई गई है। बसपा नेता व उनके परिजनों की कुल 15 संपत्तियों को कब्जे में लेने के आदेेश दिए गए हैं।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी अनुपम दुबे ठेकेदार शमीम व जीआरपी इंस्पेक्टर रामनिवास यादव हत्याकांड में मैनपुरी जेल में बंद है। गैंगस्टर के मुकदमे में जिलाधिकारी संजय सिंह ने आपराधिक गतिविधियों से अनुपम व उनके परिजनों के नाम अर्जित की गई चल व अचल संपत्ति को सील करने और तहसीलदार सदर को प्रशासक नियुक्त करने के आदेेश दिए थे।
पुलिस ने संपत्ति सील करने के संबंध में बसपा नेता को जेल जाकर नोटिस तामील कराया था। 11 अप्रैल तक बसपा नेता से इस संबंध में जवाब मांगा गया था। सोमवार को नायब तहसीलदार रविंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक प्रमोद पांडेय पुलिस के साथ मोहल्ला तकीपुर में बसपा नेता के निर्माणाधीन गेस्ट हाउस पर पहुंचे। राजस्व कर्मियों ने गेस्ट हाउस के अंदर रखे सामान की सूची बनाई।
इसके बाद गेस्ट हाउस के चारों गेटों पर ताला डालकर उसको सील कर दिया। गेस्ट हाउस के पीछे बसपा नेता के तीन बीघा खेत की नापजोख की गई, लेकिन शाम हो जाने से चिह्नांकन पूरा नहीं हो सका। नायब तहसीलदार रविंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार को फिर चिह्नांकन किया जाएगा।
बसपा नेता व उसके परिजनों की यह संपत्ति होंगी सील
बसपा नेता अनुपम दुबे के नाम पर मोहम्मदाबाद की जमीन, शहर कोतवाली के अल्लाहनगर का प्लाट, अल्लाहनगर बढ़पुर में पत्नी मीनाक्षी दुबे, भाई अमित दुबे, अनुराग दुबे, अभिषेक दुबे व मां कुसमलता दुबे के नाम से बना व्यवसायिक भवन, ठंडी सड़क पर बना गुरुशरणम गेस्ट हाउस, पत्नी मीनाक्षी के नाम पर बढ़पुर का प्लाट, मोहम्मदाबाद की दो कृषि भूमि, मोहम्मदाबाद का एक प्लाट, भाई अभिषेक दुबे व अनुराग दुबे के नाम से मोहम्मदाबाद की तीन बीघा कृषि भूमि व तीन प्लाटों को सील किया जाएगा।
संपत्ति से होने वाली आय-व्यय का दें विवरण
जिलाधिकारी संजय सिंह ने अनुपम दुबे की संपत्ति को सील करने के बाद उससे होने वाली आय-व्यय का विवरण तहसीलदार से मांगा है। इसके साथ ही बसपा नेता व उनके परिजनों की संपत्ति में कोई भी फेरबदल नहीं करने के आदेेेश दिए हैं।
डीएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अनुपम के वकील ने मांगा समय
बसपा नेता अनुपम दुबे के वकील जितेंद्र चौहान ने सोमवार को डीएम कोर्ट में संपत्ति कुर्की के नोटिस के संबंध में प्रार्थना पत्र देकर समय मांगा है। उन्होंने प्रार्थना पत्र में कहा कि चार अप्रैल को नोटिस उनके मुवक्किल को मिला। बीच में अवकाश होने से सभी संपत्तियों के प्रपत्र तैयार नहीं हो सके। कानून के तहत संपत्ति कुर्की का नोटिस देने के बाद तीन माह का समय दिया जाता है। कोर्ट ने 20 अप्रैल की तारीख लगा दी है।