फर्रुखाबाद। गांधी जयंती पर रोडवेज वर्कशाप में अपने संबोधन में ‘नाकारा’ शब्द का इस्तेमाल करना एआरएम को भारी पड़ गया। गलत भाषाशैली का आरोप लगाकर कर्मचारी नारेबाजी करने लगे। चालक, परिचालक और वर्कशाप कर्मी मुख्य गेट पर नारेबाजी करने लगे। करीब दो घंटे बाद एआरएम के खेद जताने पर कर्मचारी काम पर लौटे।
रोडवेज के फतेहगढ़ वर्कशाप में सुबह करीब करीब नौ बजे गांधी जयंती पर कार्यक्रम चल रहा था। एआरएम आरसी यादव ने सभी कर्मियों को शपथ दिलाई। इसके बाद संबोधन शुरू किया। इसी दौरान एक कर्मचारी ने साथियों के लिए गलत शब्द इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। सभी ने एआरएम मुर्दाबाद, एआरएम हटाओ-डिपो बचाओ के नारे लगाने लगे। करीब दो घंटे तक नारेबाजी चलती रही।
यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष श्रीकृष्ण शुक्ला ने बताया कि एआरएम ने अपने संबोधन में कर्मियों के लिए नाकारा शब्द का प्रयोग किया। यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में चालक की मौत हो गई, लेकिन एआरएम मृतक के परिजनों से मिलने तक नहीं गए। अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली सहायता तक नहीं दी गई। करीब दो घंटे बाद एआरएम ने कर्मचारियों के सामने शब्द वापस लेने की घोषणा की। तक कर्मचारी काम पर लौट आए। प्रदर्शन में प्रदीप चतुर्वेदी, पंकज मिश्रा, पंकज वर्मा, अरविंद यादव, बृजेश यादव, बृजेश यादव, अमित, राजीव भदौरिया, रफीक, बुधराम, योगेंद्र सक्सेना, अतुल आदि थे।
एआरएम आरसी यादव ने बताया कि वह कभी अप्रिय शब्द किसी को नहीं बोलते हैं। हां, सच बात जरूर कह देता हूं। उन्होंने वर्कशाप कर्मियों की वजह से परेशान होने की बात कही थी, लेकिन कुछ नेतागिरी चमकाने वाले लोग इसे अप्रिय शब्द मानकर नारेबाजी करने लगे। डिपो के मुखिया होने के नाते यात्रियों के हित में चिंता जाहिर तो कर ही सकते हैं। बात खत्म हो गई हैै।