धर्मांतरण मामले में 10 के खिलाफ अर्जी
फर्रुखाबाद। धर्मांतरण की रिपोर्ट न लिखने का मामला कोर्ट पहुंच गया है। पीड़िता ने पांच नामजद व पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में अर्जी दायर की है। इसमें पति पर धर्म छिपा कर शादी और दो लोगों पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र की महिला ने फतेहगढ़ क्षेत्र के पानी की टंकी के सामने कैंट निवासी लवी उर्फ करन उर्फ जाहिद सलीम, भाई सालिम हुसैन, मां याशमीन बेगम, कायमगंज की एक दरगाह के मौलवी व दिलीप तिवारी और पांच अज्ञात के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर की है। इसमें कहा कि उसकी शादी इंद्रेश बाथम से हुई थी। 2011 में पति मानसिक दिव्यांग हो गए और उसे छोड़कर चले गए।
वर्ष 2012 में एक नर्सिंग होम में नौकरी करने के दौरान लवी उर्फ करन से मुलाकात हुई। वह खुद को हिंदू बताता था। उसने प्रस्ताव रखा तो उससे शादी की। एक पुत्री को जन्म दिया। कुछ वर्ष बाद लवी कायमगंज में एक दरगाह पर ले गया।
वहां पता चला कि वह मुसलमान है। दरगाह पर उसने बिना मर्जी के उसके साथ निकाह कर लिया। पीड़िता का आरोप है कि मौलवी व दिलीप तिवारी ने दुष्कर्म किया। विरोध करने पर अन्य आरोपियों ने मारपीट की। पति ने जबरन धर्म परिवर्तन कराकर उसका नाम बदल दिया।
24 जुलाई 2021 को आरोपी उसकी नाबालिग पुत्री का धर्मांतरण कराकर उसकी मुस्लिम युवक से शादी कराना चाहता था। इसका विरोध करने पर मारपीट कर 51000 रुपये छीन लिए। जहर देकर मारने का प्रयास भी किया। 7 अगस्त को हिंदू जागरण मंच एवं अन्य हिंदू संगठनों की मदद से आवास विकास चौकी गई।
लव जिहाद से संबंधित प्रार्थना पत्र दिया। उसी दिन रात 9.30 बजे घर में पुलिस वाले और आरोपी आए। मेडिकल कराने के नाम पर कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए। 8 अगस्त को पुलिस ने दूसरी तहरीर लिखकर जानलेवा हमला व अन्य मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसकी चौकी प्रभारी पांचालघाट से शिकायत की तो उन्होंने धमकी दी।अर्जी पर सीजेएम ने संबंधित थाने से मामले की रिपोर्ट तलब की है।