फर्रुखाबाद। 24 साल पुराने जानलेवा हमले के मुकदमे में डॉ. अनुपम दुबे की जमानत अर्जी जिला एवं सत्र न्यायालय से मंजूर हो गई है। मुकदमे में चल रहे वारंट को मैनपुरी जेल में तामील कराया गया था।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में 1997 में चौराहा के पास दुकानदार मंजीत सिंह सरदार पर नेमकुमार दुबे उर्फ बिलैया ने फायर कर दिया था। उस दौरान मोहल्ला कसरट्टा निवासी डॉ. अनुपम दुबे भी वहीं था। हमले में मंजीत सिंह के चोट नहीं आई थी। वहीं मौजूद सिपाही दयाराम सिंह ने नेमकुमार दुबे व डॉ. अनुपम दुबे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शमीम हत्याकांड में अनुपम मैनपुरी जेल में बंद है। हमले के मुकदमे में जारी वारंट को तामील कराया गया।
अनुपम की अधीनस्थ न्यायालय से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उनके अधिवक्ता ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की गई। सुनवाई के बाद जमानत मंजूर कर दी गई। डीजीसी फौजदारी सुदेश प्रताप सिंह ने बताया कि नान इंजरी का मामला था। जमानत मंजूर हो गई है।