फर्रुखाबाद। धोखाधड़ी कर शपथ पत्र में फर्जी हस्ताक्षर प्रमाणित करने के मामले में कोर्ट ने नोटरी वकील व स्टांप वेंडर की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। माफिया के फरार भाई सहित चार के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। मऊदरवाजा थाने में तैनात दरोगा बलवीर ने फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला कसरट्टा निवासी माफिया डॉ. अनुपम दुबे के 50 हजार के फरार इनामी भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, मोहल्ला मछली टोला निवासी वकील बृजेंद्र मोहन अग्निहोत्री, मोहल्ला गोला कोहना निवासी नोटरी वकील राजीव कुमार व गांव याकूतगंज निवासी स्टांप वेंडर ज्ञान प्रकाश गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें आरोप लगाया कि स्टांप वेंडर ने अनुराग दुबे के बिना आए स्टांप दिया। वकील बृजेंद्र मोहन अग्निहोत्री ने अनुराग दुबे के हस्ताक्षर प्रमाणित किए और नोटरी वकील राजीव कुमार ने उस पर हस्ताक्षर किए। इस तरह अपहरण के मुकदमे में अनुराग दुबे की ओर से फर्जी शपथ पत्र विवेचना में शामिल करने के लिए दिया गया।
वकील बृजेंद्र मल्न अग्निहोत्री की अग्रिम जमानत दूसरे दिन ही मंजूर हो गई थी। नोटरी वकील राजीव कुमार व स्टांप वेंडर ज्ञान प्रकाश गुप्ता की अग्रिम जमानत कोर्ट ने मंजूर कर ली है।