फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी में आलू का भाव उछला तो किसान मंडी का रुख कर रहे हैं। वहीं व्यापारी भाव बढ़ने की उम्मीद में आलू के भंडारण में लगे हैं। इससे शीतगृहों में अब तक करीब 30 फीसदी भंडारण हो चुका है।
आलू भंडारण के लिए जिले में 94 शीतगृह संचालित हैं। इनमें आठ लाख 80 हजार 646 मीट्रिक टन आलू भंडारण की क्षमता है। इन दिनों खेतों में खोदाई तेजी से चल रही है। वहीं सातनपुर मंडी में आलू का भाव उछलकर 900 रुपये से लेकर 1000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है।
मंडी में इस समय एटा, मैनपुरी, कन्नौज, हरदोई व शाहजहांपुर से भी आलू आ रहा है। इससे मंडी में रोज जाम लग रहा है। वहीं व्यापारियों को उम्मीद है कि इस साल जिले में आलू का रकबा करीब 2500 हेक्टेयर कम होने और मौसम की मार से उत्पादन घटने के चलते भाव और बढ़ेगा। इससे व्यापारी आलू खरीदकर शीतगृहों में भंडारण कर रहे हैं।
मोहम्मदाबाद। शीतगृहों में आलू की आवक अधिक होने से सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी लाइनें लग रहीं हैं। किसान सुबह आलू लेकर जाते हैं, जो रात तक शीतगृह में नहीं उतार पाते। किसानों का कहना है भीड़ अधिक होने पर शीतगृह का गेट बंद कर दिया जाता है, इससे पूरे दिन खड़ा रहना पड़ता है। वहीं ट्रैक्टर-ट्राली वाले भाड़ा भी अधिक मांगते हैं। कुछ किसानों का कहना है कि पल्लेदारों की कमी से शीतगृहों में भीड़ लग रही है।
शीतगृह मालिक विजय यादव ने बताया कि इन दिनों तेजी से आलू भंडारण चल रहा है। किसान तो अपना आलू भंडारित कर ही रहे हैं। इस बार व्यापारियों का भंडारण में अधिक रुझान है। इसी तरह भंडारण हुआ तो शीतगृह कुछ दिनों में ही भर जाएंगे। अभी तो आलू भंडारण की शुुरुआत है और उनके शीतगृह में 27 प्रतिशत आलू भंडारण हो चुका है।
जिला आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी आरएन वर्मा ने बताया कि जनपद के 94 शीतगृहों में औसतन 30 प्रतिशत भंडारण हो चुका है। इस बार भाव बढ़ने की उम्मीद में किसानों का आलू भंडारण की ओर रुझान अधिक दिख रहा है।