फर्रुखाबाद। गर्मी के दिन बढ़ने के साथ पेयजल व गंदगी से फैलने वाले संक्रामक रोग के प्रति जिला प्रशासन ने बचाव के लिए तैयारी अभी से कर लेने को कहा है। डीएम ने कहा है कि वार्डवार अधिकारी को नामित कर सुबह सात बजे से दस बजे तक साफ सफाई सुनिश्चित कराई जाए और उसका आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाए। आवासीय कालोनी, मोहल्लों में बने गड्ढों या रास्ते के किनारे पानी को रुकने न दिया जाए। इसके अलावा चिंहित स्थानों पर कूड़ा प्रबंधन किया जाए। नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के निरीक्षण के लिए जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट और निकायों में एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी।
नगर पालिका सहित सभी संबंधित अधिकारियों से जिलाधिकारी ने कहा है कि अपनी-अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लें ताकि कोई रोग न फैले और जनमानस भी सुरक्षित रहे। जिलाधिकारी डा.मुथुकुमार स्वामी ने कहा कि मई और जून के महीने में बारिश भी होती है। जिससे पेयजल दूषित होने, अतिवृष्टि, जलभराव, जल निकासी की समस्या, मच्छर जनित संक्रामक रोगों मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, और जलजनित रोग डायरिया फैलने की समस्याएं आती हैं इससे कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। जिलाधिकारी ने इसलिए प्रत्येक निकायों को निर्देश दिया है कि विशेष अभियान चलाकर बंद पड़े ट्यूबवेलों को ठीक कराकर उसे चालू करवाएं। अधिशाषी अभियंता जल निगम, वाटर वर्क्स इंजीनियर और अधिशाषी अभियंता विद्युत आपस में सामंजस्य स्थापित कर योजनाओं को क्रियाशील करके उसका लाभ जन सामान्य को पहुंचाएं। कहा कि जिन नलकूपों के विद्युत संयोजन नहीं हुए हैं उनका तत्काल विद्युत संयोजन कराकर चालू करवाएं और निर्बाध रूप से पेयजलापूर्ति करें। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से कहा है कि नगर क्षेत्र मे अधिशाषी अधिकारी स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से प्याऊ लगवाएं। अधिशाषी अभियंता जल निगम खराब पड़े हैंडपम्पों को ठीक कराएं। जहां पेयजल की समस्या है वहां टैंकर से पानी भिजवाएं।