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पुलिस विभाग में लगे 327 होमगार्ड को किया गया बाहर

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आवास विकास तिराहे पर ड्यूटी करता होमगार्ड। - फोटो : FARRUKHABAD
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जिले में पुलिस विभाग में दो वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे 327 होमगार्डों को डीजीपी के आदेश पर एसपी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। ऐसे में थानों व यातायात अनुभाग में जवानों का संकट हो गया है। वहीं होमगार्ड बेरोजगार हो गए हैं। उनके सामने परिवार के भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।
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वर्ष 2018 में पुलिस विभाग में सिपाहियों की कमी के चलते होमगार्डों की मांग की गई थी। होमगार्ड विभाग की ओर से 327 होमगार्ड उपलब्ध करवा दिए गए थे। 302 होमगार्ड थानों के अलावा अधिकरियों के बंगले और आफिसों में तैनात कर दिए गए थे। वहीं 35 होमगार्डों को यातायात का प्रशिक्षण दिलवाकर ड्यूटी पर लगा दिया गया था।
तबसे जगह-जगह होमगार्ड यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। ट्रैफिक जवान भले ही चौराहे से गायब हो जाएं पर होमगार्ड ड्यूटी पर मुस्तैद रहते थे। थानों पर भी चीता मोबाइल में एक होमगार्ड व सिपाही की रवानगी होती थी। घायलों का लोहिया व अन्य सरकारी अस्पतालों में मेडिकल भी होमगार्ड ही करवाने जाते थे।
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सोमवार को सूबे के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने 25 हजार होमागार्डों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। आदेश आते ही मंगलवार को एसपी ने जिले में थानों व यातायात में लगे 327 होमगार्डों को ड्यूटी से हटा दिया। इससे होमगार्ड एक बार फिर बेरोजगार हो गए हैं।
अभी तक होमगार्ड को सिपाही के सापेक्ष में ड्यूटी करने पर प्रतिदिन के 672 रुपये का भुगतान मिलता था। ऐसे में होमगार्डों के सामने परिवार के भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है। वहीं पुलिस विभाग में जवानों की कमी हो गई है।
अब चार माह बाद आएगा ड्यूटी का नंबर
अब होमगार्डों को ड्यूटी के लिए चार माह तक अपनी बारी के लिए इंतजार करना होगा। उसके बाद ही उनको ड्यूटी मिलेगी और प्रतिदिन का भत्ता मिलेगा। इस पर होमगार्ड फिर से पुराने ढर्रे पर आ जाएंगे। मंगलवार को होमगार्ड कार्यालय में बड़ी संख्या में होमगार्ड आए और अचानक आए आदेश से भौचक्के रह गए। वह अपने विभाग के अधिकारियों से पूछ रहे थे कि आखिर ऐसा क्यों हो गया।
साहब की नजरें इनायत तो वर्ष भर लगी रहती है ड्यूटी
होमगार्ड की ड्यूटी शिफ्टवार लगाई जाए, ऐसा शासनादेश है। उसके विपरीत जिले में पचास से अधिक होमगार्ड बड़े साहब की नजरें इनायत होने पर वर्ष भर ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। कई होमगार्डों का नबंर तक नहीं आता है। वह ड्यूटी के लिए कार्यालय के चक्कर लगाते हैं।
होमगार्ड कार्यालय के अधिकारी भी कुछ नहीं कर पाते हैं। मामला बड़े साहब और बड़ी साहिबा का है तो कौन उनके सामने आवाज उठा सकता है। बड़े साहब के बंगले पर पिछले दो वर्षों से कई होमगार्ड बिना नागा किए हुए ड्यूटी कर रहे हैं।
यातायात में 35 में 10 होमगार्ड ही ड्यूटी के लिए बचे
शहर में यातायात व्यवस्था को कंट्रोल में करने के लिए अब तक 35 होमगार्ड चौराहों-तिराहों पर मुस्तैद रहते थे। लेकिन मंगलवार को महज 10 होमगार्ड ही ड्यूटी के लिए बचे हैं। इसके चलते जिला जेल चौराहा और सुभाष चौराहे पर एक दो होमगार्ड ही ड्यूटी करते नजर आए।
इससे पहले इन चौराहों पर चार से छह होमगार्ड ड्यूटी पर लगे रहते थे।
होमगार्डों के हटने से थानों और यातायात में मैन पावर की कमी हो गई है। लेकिन शासन का आदेश है उसका अनुपालन करना ही होगा। कम फोर्स में सभी काम सुचारु रूप से करवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।-डॉ. अनिल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद
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