अयोध्या। बैंक अधिकारी श्रद्धा गुप्ता की आत्महत्या के मामले में आईपीएस अधिकारी, पूर्व एसएसपी अयोध्या आशीष तिवारी समेत तीन लोगों का नाम आने व उन पर केस दर्ज होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
वहीं, सुुसाइड नोट में लिखे नाम अनिल रावत (फैजाबाद पुलिस) का कोई पता नहीं लग रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी विवेक गुप्ता से पूछताछ की जा रही। सीओ ने कहा कि मामले में सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट अभी आई नहीं है।
मृतका के मोबाइल के लॉक खुलने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद जांच में तेजी आएगी। घटना की जांच कोतवाल नगर सुरेश पांडेय कर रहे हैं। वहीं, देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार अयोध्या में किया गया।
परिवारीजनों ने पुलिस पर जबरन अयोध्या में अंतिम संस्कार कराने का आरोप लगाया। पंजाब नेशनल बैंक अयोध्या की मुख्य शाखा में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत श्रद्घा गुप्ता (30) ख्वासपुरा स्थित एक मकान में किराए पर रहती थी।
उसका शव शनिवार सुबह कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था। मौके पर कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने विवेक गुप्ता, आशीष तिवारी (एसएसएफ हेड लखनऊ) व अनिल रावत (पुलिस फैजाबाद) को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था।
मामले में तीनों के खिलाफ धारा 306 के तहत केस दर्ज किया। वहीं, सुसाइड नोट में दर्शाए गए नाम अनिल रावत को श्रद्धा ने फैजाबाद पुलिस बताया है।
वहीं, पुलिस ने जब इस नाम को पता करने का प्रयास किया तो जिले में इस नाम का एक कांस्टेबल यातायात पुलिस में तैनात पाया गया, जिसकी उम्र करीब 50-55 वर्ष के आसपास है।
सीओ सिटी पलाश बंसल ने बताया कि उक्त यातायात कर्मी से पूछताछ के बाद उसका कोई संबंध या जान पहचान श्रद्धा से नहीं पाया गया। सुसाइड नोट में दर्ज पहले आरोपी विवेक गुप्ता का शादी मृतका श्रद्धा से तय हुई थी।
विवेक मूलत: उतरौला बलरामपुर का रहने वाला है। वह वर्तमान में लखनऊ के चिनहट इलाके में बीबीडी के पास दयाल रेजिडेंसी में रहता है। लखनऊ एचसीएल में नौकरी करता है।
मृतक के परिवारीजनों का कहना है कि बाद में विवेक की गलत आदतों के कारण श्रद्धा ने उससे शादी करने से इनकार किया था। इसके बाद विवेक उसे लगातार परेशान कर रहा था।
उनका कहना है कि विवेक पुलिस के उच्च अधिकारियों से फोन कराकर श्रद्धा को प्रताड़ित कर रहा था। सीओ सिटी पलाश बंसल ने बताया कि विवेक पुलिस के संपर्क में है, उससे पूछताछ की जा रही है।
वह फरार नहीं है। उन्होंने उसे हिरासत में लेने की बात से इनकार किया। बैंक अधिकारी के शव का पोस्टमार्टम जिलाधिकारी के निर्देश पर देर रात किया गया। यह पोस्टमार्टम एक महिला व दो पुरुष चिकित्सकों के पैनल द्वारा किया गया।
पूरे पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। वहीं पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजनों ने एफआईआर दर्ज होने तक शव को लेने से इनकार किया।
सूचना पर रात में ही आईजी कविंद्र प्रताप सिंह, डीएम नीतीश कुमार व एसएसपी शैलेश पांडेय पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और केस दर्ज होने की जानकारी परिवारीजनों को दी।
इसके बाद देर रात शव का अंतिम संस्कार अयोध्या सरयू तट पर किया गया। परिवारीजनों ने पुलिस पर शव लखनऊ न ले जाने देने व अयोध्या में ही जबरन अंतिम संस्कार कराने का आरोप लगाया।