अयोध्या। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कारसेवकपुरम में संचालित शारीरिक वर्ग के दूसरे दिन मंगलवार को स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करते हुए संघ के सहसरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ का स्वयंसेवक बनने के लिए समर्पण भाव जरूरी है।
संघ जो काम कर रहा है वह समाज के भी सामने आए। शाखा के माध्यम से भी संगठन का काम सामने आना चाहिए। शाखा ही हमारी आधारभूत है। सारा ध्यान उसी पर होना चाहिए।
अलग-अलग प्रकार से लोग दिग्भ्रमित करने का प्रयास करते हैं, हमें भ्रमित नहीं होना है। उन्होंने कहा कि संघ प्रशिक्षण सिर्फ शारीरिक व्यायाम, बौद्धिक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैचारिक अधिष्ठान भी है।
यह वर्ग ज्ञान योग, कर्म योग तथा भक्ति योग का समन्वय है। यह वर्ग ‘मैं संघ का हूँ-संघ मेरा है’ ऐसा समर्पण भाव सिखाता है। इससे पूर्व संघ की 45 प्रांत इकाईयों के पदाधिकारियों को शारीरिक प्रशिक्षण दिया गया।
सुबह के दो सत्रों में संघ के सह सर कार्यवाह दतात्रेय होसबाले ने संघ के पदाधिकारियों व स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करते हुए संघ के सिद्धांतों से अवगत कराया। इस वर्ग में देशभर के 450 से ज्यादा पदाधिकारी व स्वयंसेवक शामिल हुए।
वर्ग में पदाधिकारियों को अलग-अलग दिन सह सर कार्यवाह रामदत्त चक्रधर, अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख सुनील कुलकर्णी, अखिल भारतीय सह शारीरिक प्रमुख जगदीश सहित अन्य का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
कारसेवकपुरम में संघ के वर्ग को लकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बाहर से आए सभी पदाधिकारियों को कारसेवकपुरम से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। कारसेवकपुरम में रहने वाले लोगों को पास जारी किए गए हैं।
बिना पास के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। प्रवेश द्वार पर पुलिस बल भी तैनात है। वर्ग की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के लिए 100 स्वयंसेवकों की टीम लगाई गई है। जिन्हें कारसेवकपुरम से बाहर जाने से मना किया गया है।
कारसेवकपुरम में शारीरिक वर्ग में पहुंचे देश के विभिन्न प्रांतों से करीब 500 पदाधिकारियों के आवास, भोजन आदि की भी व्यवस्था की गई है। जहां मुख्य शाखा वर्ग लग रहा है उसी के बगल ही पंडाल में स्वयंसेवकों के भोजन का इंतजाम भी है।
इस बीच देशी बंदरों के उत्पात से समस्या खड़ी हुई तो इनसे निपटने के लिए लखनऊ से तीन लंगूर बुलाए गए हैं ताकि स्वयंसेवकों को भोजन आदि कराने में कोई दिक्कत न हो।