अयोध्या। चुनाव आते ही उनका एक विशेष जाति के प्रति लगाव जग जाता है, यह चुनाव समाप्त होते ही खत्म हो जाता है। जो कल तक रामलला के दरबार में जाने से बचते थे आज वो उनकी शरण में पहुंच रहे हैं।
तब उन्हें लगता था कि कही उन पर सांप्रदायिकता का आरोप न लग जाए। यह बातें सोमवार को अयोध्या पहुंचे प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहीं।
उन्होंने रामलला व हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन भी किया। सर्किट हाउस में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, अवध विवि के कुलपति व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर बैठक की।
इसके बाद वह गुप्तारघाट स्थित एक मंदिर में गए और दर्शन-पूजन किया। उन्होंने भाजपा नेता व पदाधिकारियों से भी मुलाकात की। मौके पर बसपा के ब्राह्मण सम्मेलन पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पहले इन्हें अयोध्या आने में डर लगता था कि कहीं उन पर सांप्रदायिकता का आरोप ना लग जाए।
बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक के बीच मतभेद पैदा करने, राम मंदिर निर्माण में बाधा डालने वाले तत्व थे। आज उनको राम भक्तों की शक्ति का अहसास हो गया है। विपक्ष के लोग हमेशा हम पर आरोप लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, तारीख नहीं बताएंगे।
आज सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद वह तारीख भी पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने बता दी है, मंदिर का निर्माण भी शुरू हो गया है। अयोध्या आज विश्व स्तरीय भव्य नगरी के रूप में विकसित हो।
इसकी परिकल्पना को भी साकार करने का काम हमारी सरकार ने शुरू कर दिया है। अब विपक्ष में घबराहट है, छद्म वेषधारी उपक्रम कर भक्ति भाव में आना चाहते हैं। उनका स्वागत है, हम किसी को रोक नहीं सकते हैं।
हर पार्टी को अपने प्रचार करने और नीति तय करने का अधिकार है। मौके पर उनके साथ अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त, गोसाईगंज विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, भाजपा महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्र, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह समेत भारी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है कि कोरोना संक्रमण काल के बावजूद हमारा सत्र नियमित है। उसका सबसे बड़ा कारण हम लोगों ने ऑनलाइन टीचिंग पहली बार उत्तर प्रदेश में शुरू की।
ऑनलाइन के माध्यम से कोर्स पूरा हुआ है। हाईस्कूल और इंटर का रिजल्ट 31 जुलाई के आसपास आ जाएगा। इसके बाद डिग्री कॉलेज सहित अन्य क्षेत्रों में प्रवेश प्रारंभ हो जाएंगे।
बड़े नेता के अयोध्या से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम पार्टी के कार्यकर्ता, हम संगठन के निर्देश पर कार्य करते हैं। किसको कब क्या करना यह चुनाव समिति निर्धारित करती है। अभी चुनाव समिति की कोई बैठक नहीं हुई है।
बैठक में ही निर्णय होता है कि कौन कहां से चुनाव लड़ेगा। किसी ने चुनाव लड़ने को कहा है, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है। टिकट देने की प्रक्रिया केंद्र व प्रदेश पार्लियामेंट समिति करती है। मुख्यमंत्री जी कहां से चुनाव लड़ेंगे यह पार्टी तय करेगी या वो स्वयं तय करेंगे।
बीएड परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा की
सर्किट हाउस में बैठक के बाद डिप्टी सीएम ने कहा कि परीक्षा के साथ छह अगस्त को बीएड की बड़ी परीक्षा होने वाली है। इसकी तैयारियों की समीक्षा करने आया हूं। इस दिन होने वाली विवि की परीक्षाओं को स्थगित किया गया है। इसके अलावा विवि की परीक्षाओं का संचालन ठीक से हो, रिजल्ट आने के बाद छात्रों का उच्च शिक्षा में प्रवेश हो। इसके लिए कुलपति, उच्च शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी व जिला प्रशासन के साथ बैठक की गई है। सभी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। बीएड में स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात होगा, पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा इस पर निगरानी रखी जाएगी।
विवादित मंदिर के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं
गुप्तारघाट स्थित जिस मंदिर पर वह पूजन करने गए थे, उसके भूमि विवाद के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इस विवाद से मेरा कोई लेना देना नहीं। मुझे किसी शिलान्यास या भूमि पूजन से मतलब नहीं है। अयोध्या जब भी आता हूं तो कई जगह मंदिरों का दर्शन करता हूं। महंत कमलनयन दास ने दर्शन करने का आग्रह किया था तो यहां आया। मैंने पंचमुखी महादेव मंदिर का दर्शन किया है। विवादित मंदिर के बारे में मैं कुछ नहीं जाता, इसमें मेरा, सरकार व पार्टी का कोई हस्तक्षेप नहीं है। वहीं गुप्तारघाट स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर पर मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी कमलनयन दास व भाजपा महानगर मंत्री आकाश मणि त्रिपाठी ने उनका स्वागत किया।
अयोध्या-सर्किट हाऊस में अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ डिप्टी सीएम- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या-गुप्तारघाट में पत्रकारों से वार्ता करते डिप्टी सीएम- फोटो : FAIZABAD