अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास का 84वां जन्मोत्सव 4 जून से शुरू हो रहा है। जन्मोत्सव का शुभारंभ ज्ञानदेव महाराज व पूर्व डिप्टी सीएम डॉ.दिनेश शर्मा करेंगे।
शुभारंभ में असम के मुख्यमंत्री के भी आने की संभावना है। जन्मोत्सव कार्यक्रम के क्रम में 12 जून को संत सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसमें देश भर से संत-धर्माचार्य जुटेंगे।
इस बार संत सम्मेलन में समान नागरिक संहिता का मुद्दा गूंजेगा। संत सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य भी शामिल होंगे।
महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने रविवार को बताया कि दो साल कोरोना के चलते महाराजश्री का जन्मोत्सव कार्यक्रम नहीं हो पाया था। इस बार पूरे भव्यता से आयोजन की तैयारी हो रही है।
बताया कि जन्मोत्सव का उद्घाटन 4 जून को होगा। जन्मोत्सव के दौरान देश में सुख-शांति के लिए श्रीराम महायज्ञ का आयोजन होगा। इसके साथ ही हर रोज वेदों का पारायण, रामचरितमानस का पाठ व प्रेममूर्ति प्रेमभूषण की राम कथा का अभी आयोजन होगा।
प्रतिदिन रात्रिकाल रामलीला मंचन की भी धूम होगी। बताया कि जन्मोत्सव के क्रम में 12 जून को संत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। संत सम्मेलन में देश भर के संत-धर्माचार्य जुटेंगे।
संत सम्मेलन में आर्टिकल 30 को समाप्त कर समान नागरिक संहिता लागू करने की आवाज बुलंद की जाएगी। विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि जन्मोत्सव समारोह का समापन 13 जून को होगा।
कार्यक्रम में गुजरात, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट, हरियाणा, राजस्थान सहित विभिन्न प्रांतों के संत-धर्माचार्य व भक्त पहुंच रहे हैं। जबकि कई राजनीतिक, न्यायिक एवं प्रशासनिक हस्तियां भी जन्मोत्सव समारोह में शामिल होंगी।
इसी क्रम में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सहित अन्य के समारोह में शामिल होने की पूरी संभावना है।
पत्रकार वार्ता में महंत कमलनयन दास ने ज्ञानवापी मुद्दे पर कहा कि हमें सिर्फ ज्ञानवापी नहीं दिख रहा है बल्कि देश के कई मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बनाई गई हैं। सर्वप्रथम देश से धारा-30 समाप्त होनी चाहिए, समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए।
तभी हमारी संस्कृति और देश की सुरक्षा हो सकती है। आज हम लोगों को अपने राष्ट्र को बचाने की चिंता है। जनसंख्या की विषमता बढ़ती जा रही है, जल्द ही चेतने की आवश्यकता है।