अयोध्या। जिले की सुरक्षित सीट रही मिल्कीपुर विधानसभा में शुरुआती दौर में भाजपा व सपा के बीच कांटे की टक्कर देखी गई, लेकिन 15वें राउंड के बाद जब साइकिल तेजी से दौड़ी तो रुकी नहीं और पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद नौवीं बार विधायक बन गए।
आधी मतगणना तक दोनों खेमे में हलचल तेज रही। पूरी मतगणना के दौरान सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद उत्साह व आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए और रिकॉर्ड मतों से जीत का दावा करते रहे।
जिले की सुरक्षित सीट रही मिल्कीपुर विधानसभा से इस बार निवर्तमान विधायक गोरखनाथ बाबा भाजपा से दो सपा से कद्दावर नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री अवधेश प्रसाद मैदान में थे।
अवधेश प्रसाद अपने पुत्रों अमित प्रसाद व अजीत प्रसाद के साथ सुबह से ही मतगणना स्थल पर मौजूद रहे। सुबह करीब नौ बजे यहां भी पहले राउंड का परिणाम आया तो भाजपा प्रत्याशी के समर्थक उत्साहित हो गए।
पहले राउंड में भाजपा को 3330 व सपा को 2725 वोट मिले। भाजपा ने 305 मतों से बढ़त बनाई। अगले दो राउंड में सपा आगे निकल गई और 137 व 139 मतों से बढ़त बनाया।
चौथे राउंड में भाजपा फिर आगे हुई और 233 मतों से बढ़त ली, लेकिन पांचवें राउंड में अवधेश प्रसाद फिर आगे हो गए और 868 मतों से बढ़त लेकर भाजपा प्रत्याशी को 336 मतों से पीछे कर दिया। छठवें, सातवें व आठवें राउंड में सपा ने जबरदस्त बढ़त ली।
नौवें और दसवें राउंड की मतगणना हुई तो भाजपा ने फिर बढ़त बनाई। इन दोनों राउंड में भाजपा 983 व 421 मतों से आगे हुई, लेकिन अवधेश प्रसाद तब भी 38 मतों से आगे रहे। 11वें, 12वें राउंड में सपा ने बाजी मारी और 390 व 201 मतों से बढ़त बनाई।
इसके बाद सिर्फ 13वें, 14वें राउंड में भाजपा ने मामूली बढ़त बनाई। 15वें राउंड में दोनों में जबरदस्त टक्कर दिखी और दोनों प्रत्याशियों को 3372-3372 मत हासिल हुए। 16वें राउंड से साइकिल की रफ्तार तेज हो गई।
सपा ने भाजपा को 1244 मतों से पीछे करके 1499 की बढ़त बना ली। इसके बाद सपा लगातार बढ़ती गई और भाजपा समर्थकों के चेहरे मुरझाने लगे। अगले सभी राउंड में सपा की बढ़त और बढ़ती गई, फिर सपा पीछे नहीं हुई।
इस तरह अवधेश प्रसाद नौवीं बार विधायक निर्वाचित हो गए। मतगणना परिसर में कार्यकर्ताओं ने बधाईयों का सिलसिला शुरू कर दिया और समर्थकों में जश्न का माहौल उत्पन्न हो गया।
मतगणना में शामिल होने के लिए आए मिल्कीपुर से सपा प्रत्याशी व पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद माला पहने थे। जिसने देखा टोका, लेकिन पूरे आत्मविश्वास से भरे अवधेश प्रसाद का जवाब था कि यह माला नहीं भगवान का प्रसाद है।
उनके आत्मविश्वास को देखकर एक बार तो कुछ लोगों ने मजाक समझा, लेकिन अवधेश प्रसाद ने जीत का दावा किया। मतगणना के दौरान एकाध बार जब भाजपा प्रत्याशी आगे भी निकला तो उन्होंने अपने लोगों को आश्वस्त किया और अपने अंदाज में कहा कि अभी रुको, आगे सब ठीक हो रहा है। हुआ भी कुछ वैसा ही और अवधेश प्रसाद विधायक बनकर माला पहनकर ही वापस निकले।