समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य।
- फोटो : अमर उजाला
समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के एक ट्वीट को लेकर संतों में खासी नाराजगी है। स्वामी प्रसाद ने ट्वीट में लिखा था कि रामराज धोखा है। पहले भी रामराज के नाम पर एकलव्य का अंगूठा काटा गया। अब दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का आरक्षण काटा जा रहा है। जागो सावधान हो जाओ...रामराज हटाओ और आरक्षण बचाओ...। उनके इस ट्वीट पर संतों ने कहा कि स्वामी प्रसाद राष्ट्रद्रोही है, उन्हें जेल भेजना चाहिए।
महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि रामराज को धोखा बता रहे स्वामी प्रसाद को यह ज्ञात नहीं है कि जहां राम का नाम है, वहां धोखा नहीं हो सकता। अपनी तुच्छ राजनीति को चमकाने के लिए सनातन धर्म पर प्रहार करने का परिणाम उन्हें ज्ञात नहीं है। वे अपने समूल नाश की पटकथा स्वयं लिख रहे हैं।
ये भी पढ़ें - आरक्षण के बहाने सियासत गरमाने में जुटे स्वामी प्रसाद, दिया 'रामराज हटाओ- आरक्षण बचाओ' का नारा
ये भी पढ़ें - बैंकों में कल से बदले जाएंगे 2000 के नोट: समय लेकर पहुंचें, जांच में लग सकती है देर
धर्मधारी ध्वजा परिषद के अध्यक्ष महंत बृजमोहन दास ने कहा कि हर जाति, धर्म के लोगों की आस्था श्रीराम में है। श्रीराम ने समरसता का जो संदेश दिया, वह हमेशा प्रेरक रहेगा। स्वामी प्रसाद मौर्य राष्ट्रद्रोही हैं। सरकार को उन्हें जेल भेज देना चाहिए।
महंत विवेक आचारी ने कहा कि स्वामी प्रसाद मूढ़ व्यक्ति हैं। वे लगातार हमारी सनातन आस्था पर प्रहार कर रहे हैं। इन्हें अब सबक सिखाने की जरूरत है। सरकार को स्वामी प्रसाद के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तो संत सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे।
महंत जयराम दास ने कहा कि एक आपराधिक व्यक्ति जिसका कोई चरित्र नहीं होता वह रामराज क्या जाने? स्वामी प्रसाद मौर्य सपा का रामनाम सत्य करने में लग गए हैं। जातिवाद का जहर घोलने में जुटे हैं, इसका स्थान या तो जेल या फिर पागलखाने में होना चाहिए।
विहिप के शरद शर्मा ने भी स्वामी प्रसाद मौर्य पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक बंद दुकान हैं जो अपनी दुकान चलाने के लिए ओछी बयानबाजी कर रहे हैं। उन्हें रामराज की परिभाषा पहले समझनी चाहिए, फिर बोलना चाहिए। इन्हें देश में अशांति फैलाने के मामले में जेल भेजना चाहिए।