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गर्भगृह के लिए सीधे राजस्थान से आएंगे तराशे हुए पत्थर

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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निर्माण समिति की बैठक में गर्भगृह समेत भूतल के लिए सीधे राजस्थान से तराशे हुए पत्थर मंगाए जाने को अंतिम रूप दिया गया।
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इसके लिए राजस्थान में चल रही तीन कार्यशालाओं से सकुशल पत्थर श्रीराम जन्मभूमि तक लाने पर भी चर्चा हुई। साथ ही भूतल से शुरू हो रहे पांच गुंबदों के निर्माण में तेजी लाने के लिए इंजीनियरिंग टीम से घंटों मंथन हुआ।
ट्रस्ट की राममंदिर निर्माण समिति की बैठक बुधवार को सेवानिवृत्त आईएएस मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में दोपहर बाद श्रीराम जन्मभूमि परिसर के विश्वामित्र आश्रम में शुरू हुई।
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बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र समेत पूरी इंजीनियरिंग टीम शामिल हुई। कई ट्रस्टी ऑनलाइन बैठक से जुड़े रहे।
शुरूआत नवंबर के आखिर में हुई ट्रस्ट की बैठक में तय किए गए लक्ष्यों की समीक्षा से हुई। बैठक में रॉफ्ट निर्माण की प्रगति, रिटेनिंग वॉल निर्माण सहित पत्थरों की आपूर्ति व भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने को लेकर इंजीनियरों के साथ मंथन किया गया।
ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि दिसंबर 2023 तक भव्य गर्भगृह में रामलला का दर्शन भक्तों को सुलभ हो सके इसी लक्ष्य के साथ काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
राममंदिर का मॉडल परिवर्तित होने के बाद भूतल की भी डिजाइन बदल गई है। इसलिए अब भूतल के लिए नए सिरे से चार स्थानों पर पत्थरों की तराशी की जा रही है।
राजस्थान के तीन स्थानों पर व अयोध्या में रामघाट कार्यशाला में पत्थरों की तराशी हो रही है। तय लक्ष्य के मुताबिक गर्भगृह का निर्माण पूरा हो सके इसलिए तय हुआ है कि राजस्थान से भूतल के पत्थर सीधे तराश कर श्रीराम जन्मभूमि लाए जाएंगे।
यहां बस पत्थरों की सेेटिंग करनी होगी। उन्होंने बताया कि रामलला के दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भक्तों के लिए कई तरह की सुविधाएं विकसित करने का भी खाका तैयार किया जा रहा है।
बताया कि मंदिर को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए मंदिर के तीन दिशा में रिटेनिंग वॉल का भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बुधवार सुबह 10 बजे श्रीराम जन्मभूमि कार्यस्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने तीन दिशाओं में हो रहे रिटेेनिंग वॉल के निर्माण कार्य को देखा और इंजीनियरों से काम में तेजी लाने को कहा।
पश्चिम दिशा में राम जन्मभूमि परिसर के विस्तार को लेकर भी उन्होंने ट्रस्ट के साथ चर्चा की है। इंजीनियरों ने प्रजेंटेशन के जरिए अब तक हुई प्रगति से उन्हें अवगत कराया।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 31 दिसंबर को यहां श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से राममंदिर की सुरक्षा और भक्तों की सुविधाओं के लिए तैयार योजना को भी देखेंगे।
वे सुरक्षा संबंधी कई प्रस्तावों को मौके पर स्वीकृति भी प्रदान कर सकते हैं। सबसे अहम मुद्दा अयोध्या को नो फ्लाइंग जोन के साथ केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी और उनके रिहायश की व्यवस्था है।
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इसके लिए केंद्रीय गृहमंत्री बजट भी स्वीकृत कर सकते हैं। ट्रस्ट ने राममंदिर निर्माण की प्रगति से अवगत कराने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है।
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