अयोध्या। कोतवाली क्षेत्र के तकपुरा गांव में 18 दिसंबर को हुई डकैती की वारदात में नौ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दुबई में मिले साथियों के साथ मिलकर भाई के साढ़ू ने ही वारदात को अंजाम दिया।
एसएसपी ने रविवार को बताया कि आरोपियों के पास से लूटे गए 3.60 लाख रुपये, पांच देशी तमंचे, 10 कारतूस व डकैती में प्रयुक्त एक एसयूवी वाहन बरामद हुआ है।
एसएसपी के अनुसार वारदात को अंजाम देने के पहले पीड़ित के भाई की लड़की ने ही रैकी की थी, अभी वह पुलिस की गिरफ्त से दूर है। आरोपी मुरादाबाद व बस्ती जनपद के रहने वाले हैं।
पुलिस लाइन में एसएसपी शैलेश पांडेय ने रविवार को बताया कि तकपुरा निवासी शिवशंकर वर्मा के घर 18 दिसंबर की रात में डकैती की वारदात हुई थी। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
जांच कर रहे कोतवाली अयोध्या के प्रभारी देवेंद्र पांडेय व उनकी टीम ने रविवार भोर में मुखबिर की सूचना पर वारदात को अंजाम देने वाले नौ आरोपियों को कोतवाली अयोध्या के बूथ नंबर चार के निकट एक ढाबे से गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान मोहम्मद गनी, नबी हसन, शेर अली, मोहम्मद शफी, राहत अली निवासीगण अब्दुल्लापुर लेदा, थाना ठाकुर द्वारा, जनपद मुरादाबाद, मुनाजीर हुसैन, मोहम्मद रफी निवासीगण कमालीपुरी खालसा, थाना ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद, अकबर निवासी मुस्तापुर खंडसाल, थाना छजलैट, मुरादाबाद व सालिकराम वर्मा निवासी कनकरपुर, थाना पैकोलिया, बस्ती के रूप में हुई है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से लूट के तीन लाख 60 हजार रुपये, पांच देशी तमंचे, 10 कारतूस व एक एसयूवी वाहन बरामद हुआ है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने 31.30 लाख रुपये लूटना स्वीकार किया है।
शेष लूटे हुए पैसे की रिकवरी के लिए टीमें लगाई गई हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी। बताया कि वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी मुसीत उर्फ मुसीता व रैकी करने वाली लड़की अनामिका अभी गिरफ्त में नहीं आए हैं।
एसएसपी ने बताया कि पीड़ित शिवशंकर वर्मा की भतीजी अनामिका उर्फ निशा की शादी उसके मौसा बस्ती निवासी सालिकराम तय करा रहे थे, लेकिन पैसे की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। इस बीच शिवशंकर वर्मा ने खेत बेचकर पैसा घर में रखा था।
जिसकी जानकारी सालिकराम को हो गई तो उसने अनामिका की मदद से पैसे लूटने की योजना बनाई। बताया कि सालिकराम पहले दुबई में टाइल्स लगाने का कार्य करता था। वहीं पर उसके साथ मुरादाबाद निवासी मोहम्मद गनी व राहत भी रहते थे।
सालिकराम ने डकैती डालने के लिए गनी व राहत से संपर्क किया। इसके बाद गनी, राहत व मोहम्मद सफी ने अन्य बदमाशों को इकट्ठा किया। घटना के पांच दिन पूर्व गनी, नबी हसन व मुरादाबाद का हिस्ट्रीशीटर अकबर व मुसीत उर्फ मुसीता ने एक एसयूवी वाहन बुक कराया और अयोध्या आकर सालिकराम से मिले।
सालिकराम ने वारदात के समय दरवाजा खोलने वाली व पैसा रखने की जगह बताने वाली अनामिका से सभी बदमाशों को मिलवाया। अनामिका ने रेकी करवाई और सभी लोग वापस चले गए।
बताया कि वारदात वाले दिन राहत व मोहम्मद शफी मुरादाबाद में रुक गए और सालिकराम लखनऊ के एक अस्पताल में चला गया। अन्य बदमाशों ने डाका डाला और नकदी समेत मोबाइल, जेवरात आदि लूट लिए। प्रेसवार्ता के दौरान सीओ अयोध्या आरके चतुर्वेदी व अन्य मौजूद रहे।
दर्शननगर चौकी क्षेत्र के तकपुरा गांव निवासी शिवशंकर वर्मा ने कोतवाली में केस दर्ज कराया था। 18 दिसंबर की रात में बदमाशों ने डकैती डालकर करीब पांच लाख रुपये, मोबाइल फोन व जेवरात लूट लिए। जबकि पकड़े गए लोगों ने पीड़ित के घर से 31 लाख 30 हजार रुपये लूटना स्वीकार किया है। इसमें से तीन लाख साठ हजार रुपये बरामद भी हुए हैं।
आरोपियों को डकैती की योजना बनाते हुए शनिवार/रविवार रात करीब 02:25 बजे कोतवाली अयोध्या के बूथ नंबर चार के निकट स्थित एक ढाबा से कोतवाल अयोध्या देवेंद्र पांडेय, उप निरीक्षक रतन कुमार शर्मा, धर्मेंद्र कुमार मिश्रा व उनकी टीम ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।