सतीश चंद्र को कार्यकर्ताओं ने गदा भेंट किया
- फोटो : अमर उजाला
यूपी की सत्ता में वापसी की आस और ब्राह्मण वोटों को रिझाने के लिए बसपा रामलला की शरण में पहुंच गई है। मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद पहली बार बसपा का काफिला शुक्रवार रामजन्मभूमि पहुंचा। राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने रामजन्मभूमि में रामलला का पूजन-अर्चन किया।
हनुमानगढ़ी समेत मां सरयू की पूजा की। फिर देवकाली बाईपास स्थित एक रिसॉर्ट में बसपा के प्रबुद्ध वर्ग की विचार गोष्ठी में पहुंचे। खुद को जनेऊधारी बताते हुए कहा कि अयोध्या व श्रीराम भाजपा की ठेकेदारी नहीं हैं। यहां दर्शन-पूजन करने के लिए हमें उनकी परमिशन की जरूरत नहीं है।
वैसे तो यह ब्राह्मण सम्मेलन था पर इसे प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठी नाम देकर एक तरह से चुनावी कर दिया गया। बसपा के बड़े नेताओं का काफिले के जन्मभूमि पहुंचने को ब्राह्मण मत सहेजने का दांव माना जा रहा है। राम की धरती से ब्राह्मण सम्मेलन का आगाज कर बसपा ने यही संदेश देने का प्रयास किया है।
सतीश मिश्रा ने अपने भाषण के अंत में जय श्रीराम और जय परशुराम कहकर यही संदेश दिया है। यह पहली बार है जब अयोध्या में बसपा ने इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया। इस सम्मेलन के नाम पर बसपा ने हिंदुओं को रिझाने की कोशिश की है।