अयोध्या। दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग सहित आठ देशों में पाए गए कोविड के नए स्वरूप को लेकर जिले में स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट पर हैं। लखनऊ एयरपोर्ट से मिली सूची के आधार पर अंतरराष्ट्रीय यात्रा करके लौटे जिले के 20 लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है।
इनकी कोविड जांच के साथ उनके संपर्क में आए लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है। कोविड के नए वैरिएंट से लड़ने के लिए विकास भवन में बने कोरोना कंट्रोल रूम को फिर से सक्रिय कर विदेश से आने वाले लोगों की निगरानी शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य महकमे का दावा है कि अधिकाधिक जांच, ऑक्सीजन से लैस अस्पतालों समेत सभी तैयारी पूरी की जा रही हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बाद काफी समय से जिले में कोरोना के नए मामले सामने नहीं आए। इससे आमजन काफी राहत महसूस कर रहा है।
दिनचर्या भी अब लगभग ढर्रे पर आ गई है। इस बीच कई देशों में कोरोना के मिले नए स्वरूप ओमिक्रॉन से जिले में भी हलचल देखी जा रही है। विदेश यात्रा करके लौटे यात्रियों की सूची अमौसी एयरपोर्ट से प्राप्त होने के बाद जांच व निगरानी एक बार फिर शुरू हो गई है।
जिले में दो दिनों में ऐसे 20 लोगों के आने सूचना प्राप्त हुई है। जिनकी निगरानी के लिए विकास भवन में स्थापित किया गया कोरोना कंट्रोल रूम दोबारा सक्रिय किया गया है। सूची के आधार पर इन लोगों की पहचान करके उनके घर स्वास्थ्य टीमें भेजी जा रही हैं।
यात्रियों की आरटी पीसीआर जांच के बाद उनके संपर्क में आए लोगों की जांच भी की जा रही है। हालांकि, अभी तक जिले में कोई ऐसा केस सामने नहीं आया है। फिर भी एहतियात के तौर पर समस्त व्यवस्थाएं मजबूत की गई है।
कोरोना के मामले में कम होने के बाद प्रतिदिन होने वाली जांच को कम करके तीन हजार के आसपास किया गया था। नए स्वरूप की बात सामने आने पर अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए चार हजार तक करने की रणनीति बनाई गई है।
सीएमओ ने बताया कि इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किया गया है। कोरोना की दूसरी लहर में सिर्फ राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में ऑक्सीजन युक्त बेड की उपलब्धता थी। वहां भी पर्याप्त मात्रा में बेड न होने की वजह से मरीजों को भटकना पड़ा।
समय पर इलाज न मिल पाने की वजह से बहुत से लोगों ने दम तोड़ दिया। इसकी पुनरावृत्ति से बचने के लिए जिले में ऑक्सीजन युक्त बेडों की संख्या बढ़ाकर 640 हो गई है। इनमें मेडिकल कॉलेज में सर्वाधिक 300 बेड तैयार किए गए हैं।
इसके अलावा जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय, 100 बेड के अस्पताल कुमारगंज, सीएचसी मवई, सीएचसी मसौधा, सीएचसी पूराबाजार, मया बाजार व बीकापुर में भी ऑक्सीजन युक्त बेड क्रियाशील हैं।
ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए इस बार राजषि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर, जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, श्रीराम चिकित्सालय, कुमारगंज का 100 बेड का अस्पताल, सीएचसी मसौधा, पूराबाजार सहित 10 अस्पतालों में अलग-अलग क्षमता के ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित किए गए हैं।
सभी को क्रियाशील भी कर दिया गया है। इसके अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 20-30 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी स्थापित किए गए हैं।
कोरोना के नए स्वरूप से लड़ने की समस्त तैयारी पूरी है। अलग-अलग देशों से आए 20 लोगों की सूची प्राप्त हुई है। कंट्रोल रूम से उनकी निगरानी कराते हुए स्वास्थ्य टीमों से जांच कराई जा रही है। प्रतिदिन चार हजार लोगों की जांच कराई जाएगी। आमजन को भी सतर्क रहना चाहिए और सभी लोगों को कोरोना टीका लगवाना चाहिए।-डॉ. अजय राजा, सीएमओ, अयोध्या