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15 दिन में सिर्फ 16 किसानों ने बेचा गेहूं

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अयोध्या। जिले के 57 सरकारी क्रय केंद्रों पर पखवाड़े भर में महज 16 किसानों ने 554 क्विंटल 24 किलो गेहूं का विक्रय किया है। बीते वर्ष 15 दिनों में 164 क्विंटल गेहूं बेचा गया था। 15 जून तक चलने वाली खरीद के लिए कुल 5.40 लाख क्विंटल गेहूं का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि अभी अधिकांश खेतों में गेहूं की कटाई व मड़ाई का काम चल रहा है। अगले एक सप्ताह में खरीद में तेजी आने की संभावना है। दूसरी ओर किसान बाजार व सरकारी भाव लगभग बराबर होने के चलते आढ़तियों को गेहूं देना पसंद कर रहे हैं।
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जिले के सभी 57 क्रय केंद्रों पर पहली अप्रैल से गेहूं की खरीद की जी रही है। कुछ किसानों ने विभागीय पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा लिया है। इनमें से ज्यादातर किसान अभी तक गेहूं लेकर क्रय केंद्र नहीं पहुंच सके हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि अब तक 98 फीसदी किसानों ने काटने के बाद अभी तक गेहूं की थ्रेसिंग नहीं कराई है तो कुछ किसान नकद आमदनी के चलते आढ़तियों को ही गेहूं बेचना मुनासिब समझ रहे हैं।
जिले में इस वर्ष 5.40 क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 15 अप्रैल तक जिले में 16 किसानों ने महज 554 क्विंटल 24 किलो गेहूं का विक्रय किया है जबकि पिछले वर्ष खरीद शुरू होने के पखवाड़े भर में इससे भी कम महज 164 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी। विभागीय अधिकारी पिछले वर्ष से अधिक खरीद से लक्ष्य के अनुरूप खरीद होने का अनुमान जता रहे हैं।
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क्रय केंद्रों पर किसानों से 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद हो रही है। 20 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से नकद उतराई एवं छनाई देनी पड़ती है, साथ ही क्रय केंद्र तक गेहूं लाने का भाड़ा अलग से लगता है। वहीं, आढ़ती के यहां बिना किसी झमेले के किसान को गेहूं के 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से रुपये मिल रहे हैं। इन्हीं कारणों से क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
किसानों के मुताबिक आढ़तिये गेहूं कटते ही अपना वाहन भेजकर खेत से ही फसल उठवा लेते हैं, इससे उन्हें भाड़ा भी नहीं देना पड़ता है। गोसाईगंज के दिलासीगंज निवासी किसान द्वारका प्रसाद मिश्रा व मठिया सरैया निवासी किसान रुद्र प्रताप पांडे ने बताया कि क्रय केंद्र पर गेहूं ले जाने के बनिस्बत आढ़तियों को बेचने पर नकद पैसे मिल जाते हैं। इसलिए वे उनके पास ही जाना उचित समझ रहे हैं।
दौली तहसील क्षेत्र के साधन सहकारी समिति हयात नगर क्रय केंद्र पर अभी तक कोई भी किसान गेहूं लेकर नहीं आया। केंद्र प्रभारी दीपक सिंह तोमर ने बताया कि पहली अप्रैल से केंद्र पर सन्नाटा ही पसरा है। सरकार द्वारा गेहूं का मूल्य 2015 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
गोसाईगंज नवीन मंडी के अंदर पीसीएफ द्वारा खोले गए क्रय केंद्र पर भी अभी तक गेहूं खरीद की शुरुआत नहीं हो सकी है। केंद्र के एसएमआई हरी सेवक चौरसिया ने बताया कि अभी फसल की कटाई पूरी नहीं हुई है, पुरवा हवा चलने के कारण कटाई बाधित रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले हफ्ते से खरीद में तेजी आने की संभावना है।
रुदौली क्षेत्र में अब तक केवल एक क्रय केंद्र पर ही गेहूं की आंशिक खरीद हो सकी है। बाकी सभी क्रय केंद्रों पर पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी बोहनी नहीं हुई। क्षेत्र में सात केंद्र खोले गए हैं। क्रय केंद्र रुदौली पर सिर्फ एक किसान ने 51 क्विंटल गेहूं बेचा है। बाकी के छह क्रय केंद्रों पर अब तक खाता भी नहीं खुला है। रुदौली राजकीय गेहूं क्रय केंद्र के विपणन निरीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार शासन से प्राप्त लक्ष्य को पूरा करने के लिए परेशानी हो सकती है।
किसान सेवा सहकारी समिति बीकापुर गेहूं क्रय केंद्र पर सन्नाटा फैला हुआ है। अभी तक एक भी किसान गेहूं बेचने केे लिए केंद्र पर नहीं पहुंचा। जिला सहकारी अधिकारी अमित कुमार सिंह ने शनिवार को किसान सेवा सहकारी समिति बीकापुर गेहूं क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। केंद्र प्रभारी अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गेहूं तौल कराने के लिए आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसकी पूरी व्यवस्था है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 57 क्रय केंद्र खोले गए हैं। कुल 5.40 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य बनाया गया है। अभी ज्यादातर खेतों में गेहूं की कटाई व मड़ाई चल रही है, अगले सप्ताह से खरीद में तेजी आने की उम्मीद है।
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-अजीत प्रताप सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, अयोध्या
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