अयोध्या। रामनगरी के पुराने क्षेत्र 133 वर्ग किमी. का मास्टर प्लान बनकर तैयार हो गया है। मास्टर को बनाने वाली निजी कंपनी एस्टेलाइट ने मास्टर प्लान टाउन प्लानिंग विभाग को सौंप दिया है।
मौजूदा समय में टाउन प्लानिंग विभाग मास्टर प्लान का परीक्षण कर रहा है। जल्द ही टाउन प्लानिंग विभाग अयोध्या विकास प्राधिकरण को मास्टर प्लान का अंतरिम ड्राफ्ट सौंप देगा।
इसको अयोध्या विकास प्राधिकरण अपने बोर्ड के बैठक में पास करके आम नागरिकों के लिए प्रदर्शनी लगाएगा। प्रदर्शनी में आम नागरिकों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। इन आपत्तियों के निस्तारण के बाद शासन से पास होते ही मास्टर प्लान को लागूूूू हो जाएगा।
अयोध्या में वर्ष 2001 में मास्टर प्लान खत्म हो गया है। तब से लेकर अब तक मास्टर प्लान को बनाने की कई बार कवायद चली लेकिन हर बार मास्टर प्लान नहीं बन पाया।
दो वर्ष पूर्व अमृत योजना के तहत 67 जिलों में प्रस्तावित अयोध्या के भी मास्टर प्लान को बनाने की जियोग्राफिकल विधि से बनाने की अनुमति मिली थी। पहले चरण में जियोग्राफिक बेस पर पूरी अयोध्या का सर्वे हुआ।
इस सर्वे को डोर-टू-डोर जाकर एस्टेलाइट कंपनी ने परीक्षण किया। इसके बाद 1600 शीटों को एक में समाहित करने के लिए परीक्षण रिपोर्ट को एनआईसी हैदराबाद को मर्ज करने के लिए भेजा गया।
वहां से वापसी के बाद फिर से एस्टेलाइट कंपनी ने अयोध्या का मास्टर प्लान बनाकर तैयार कर दिया है। लगभग 15 दिन पूर्व एस्टेलाइट ने अपने बनाए मास्टर प्लान को टाउन प्लानिंग विभाग लखनऊ को सौंप दिया है।
मौजूदा समय में टाउन प्लानिंग विभाग मास्टर प्लान का परीक्षण कर रहा है। परीक्षण के कार्य को पूरा होते ही टाउन प्लानिंग विभाग मास्टर प्लान अयोध्या विकास प्राधिकरण को सौंप देगा।
मौजूदा समय में अयोध्या विकास प्राधिकरण का क्षेत्रफल 872.81 वर्ग किमी. तक फैला हुआ है। अयोध्या के मास्टर प्लान को जब अमृत योजना के तहत मंजूरी मिली थी तो अयोध्या विकास प्राधिकरण का कुल क्षेत्रफल 133 वर्ग किमी. था।
बाद में अयोध्या विकास प्राधिकरण के प्रस्ताव पर शासन ने अयोध्या का विकास क्षेत्र बढ़ा कर 872.81 किमी. तक हो गया है। इसमें गोंडा के 63, बस्ती के 126 व अयोध्या के 154 गांव शामिल हैं।
बाद में क्षेत्रफल बढ़ जाने के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान को दो चरणों में बनाने का निर्णय लिया। प्राधिकरण ने पहले के बन रहे 133 वर्ग किमी. के मास्टर प्लान में कोई छेड़छाड़ न करते हुए बढ़े क्षेत्रफल का मास्टर प्लान दूसरे चरण में बनाने का निर्णय लिया है।
मौजूदा समय में नए क्षेत्र का सर्वे कराने की तैयारी चल रही है। जल्द ही मास्टर प्लान बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। शहर में बने नए मास्टर प्लान में पर्यटन की सुविधा का पूरा ख्याल रखा गया है।
शहर के मुख्य मार्गों की चौड़ाई 16 से 24 मीटर तक निर्धारित किया गया है। इसके अलावा हाई अड्डे व राममंदिर के आसपास के इलाकों को सेफ जोन के रूप में रखा गया है जबकि हाईवे पर स्थित इलाके को कॉर्मिशल जोन व कृषि क्षेत्र के लिए अति न्यून क्षेत्र निर्धारित किया गया है।
मास्टर प्लान में नई आवासीय योजनाओं के लिए भूमि का आरक्षित करने के साथ व्यवसायिक क्षेत्र को भी बढ़ाया गया है। साथ ही पूरी अयोध्या के पर्यटन व पर्यावरण को कंट्रोल करने की रूपरेखा तय की गई है।
अयोध्या के 133 किमी. का मास्टर प्लान बनकर तैयार है। मौजूदा समय में टाउन प्लानिंग विभाग इसका परीक्षण कर रहा है। परीक्षण कार्य पूरा होने के बाद मास्टर प्लान अयोध्या विकास प्राधिकरण को मिलेगा। विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में पास करके शहर वासियों से मास्टर प्लान आपत्तियां मांगेगा। आपत्तियों के निस्तारण के बाद मास्टर प्लान लागू हो जाएगा।- आरपी सिंह, सचिव अयोध्या विकास प्राधिकरण