अयोध्या। जिले के पांच केंद्रों पर शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच माध्यमिक शिक्षा परिषद की अंक सुधार परीक्षा आयोजित की गई। पहले दिन सभी केंद्रों पर कुल पंजीकृत 767 विद्यार्थियों की तुलना में दो सौ अनुपस्थित रहे।
नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए अधिकारियों ने भी कमर कसी। शासन से नामित नोडल अधिकारी ने डीआईओएस के साथ केंद्रों का निरीक्षण कर गतिविधियों का जायजा लिया। हालांकि, किसी भी केंद्र से पहले दिन किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई है।
कोरोना संक्रमण की वजह से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं इस बार नहीं कराई गई थीं। छात्र-छात्राओं को इस बार अर्द्धवार्षिक परीक्षा व प्री-बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर अगली कक्षाओं में प्रोन्नत कर दिया गया था। प्राप्तांक से असंतुष्ट छात्र-छात्राओं के लिए अंक सुधार परीक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित कराने का निर्णय लिया गया जिसके लिए आवेदन मांगे गए थे।
शनिवार से चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच जिले के पांच केंद्रों पर परीक्षा शुरू कराई गई। परीक्षार्थियों को सघन तलाशी लेने के बाद पी केंद्रों पर प्रवेश दिया गया। सीसीटीवी कैमरे युक्त कक्षाओं में उन्हें बैठाया गया। जीआईसी में बने कंट्रोल रूम से शिफ्टवार सभी केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी भी की गई।
प्रथम पाली में हाईस्कूल की प्रारंभिक हिंदी की परीक्षा में 298 विद्यार्थी पंजीकृत थे जिनमें से 96 अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के सामान्य हिंदी व हिंदी की परीक्षा में पंजीकृत 469 विद्यार्थियों की तुलना में 365 ही उपस्थित रहे और 104 ने परीक्षा से किनारा कर लिया।
केंद्रों के सौ मीटर पहले से ही पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सचल दल ने भी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। हालांकि, पहले दिन की परीक्षा सकुशल संपन्न हुई और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं मिली।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी/उप शिक्षा निदेशक राजेश श्रीवास्तव ने डीआईओएस राकेश कुमार के साथ प्रथम पाली में जीजीआईसी गोसाईगंज, जनता इंटर कॉलेज रामगंज व भारती इंटर कॉलेज बीकापुर का निरीक्षण किया जबकि दूसरी पाली में उन्होंने शहर के राजकीय इंटर कॉलेज व जीजीआईसी सलोनिया का निरीक्षण किया।
इस दौरान किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई। डीआईओएस ने बताया कि पहले दिन सभी पांच केंद्रों पर परीक्षा सकुशल संपन्न हुई। सभी केंद्रों पर पहले दिन दो सौ परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।