अयोध्या। दुष्कर्म पीड़िता के परिवार में मंगलवार को एक और दुखद घटना घट गई। मासूम के ताऊ की सदमे से मौत हो गई। परिवारीजनों का कहना है कि वह परिवार की बच्ची के साथ हुई हैवानियत से वे बेहद दुखी।
आरोप है कि पुलिस के दबाव से वो अवसाद में भी थे। उनके सीने में मंगलवार दोपहर अचानक तेज दर्द होने के कारण उन्हें श्रीराम अस्पताल ले जाया गया। जहां से चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद परिवारीजनों व स्थानीय लोगों में एक बार फिर गुस्सा दिखाई पड़ा। सूचना पर पुलिस बल ने मृतक के आवास पर डेरा डाल दिया।
मासूम के साथ अमानवीय कृत्य व न्याय न मिलने से उसके परिवारीजन तनाव में हैं। मासूम के बड़े पिता (ताऊ) की मंगलवार को हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई। वह करीब 40 वर्ष के थे।
मासूम के चचेरे भाई ने बताया कि वह घटना के बाद बेहद आक्रोशित थे और हमेशा शासन प्रशासन को कोसते रहते थे। वह मंगलवार दोपहर भी गुस्से में थे और न्याय के लिए धरना-प्रदर्शन करने की बात कह रहे थे।
इसके बाद वह अपने कमरे में चले गए। दोपहर करीब तीन बजे अचानक सीने में तेज दर्द उठने से उनकी हालत खराब हो गई। सभी उन्हें श्रीराम अस्पताल लेकर गए। जहां से उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। संभावना जताई जा रही है कि उनकी मौत हृदय गति रुकने से हुई है। वहीं, मौत की सूचना मिलने पर लोगों में एक बार फिर आक्रोश नजर आया।
सभी का कहना है कि घटना से आहत होने पर ही उन्हें हार्ट अटैक आया। वहीं, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। अयोध्या कोतवाल देवेंद्र पांडेय ने बताया कि परिवार के बीच में उनकी मौत हुई है।
यदि परिवार वाले चाहेंगे तो शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घर पर पुलिस तैनात है। मासूम पीड़िता के बड़े पिता के निधन की सूचना पर मंगलवार देर शाम डीएम नितीश कुमार, एसएसपी शैलेश पांडेय, एसडीएम सदर आरके शुक्ला, एसपीसिटी विजयपाल सिंह भी घर पहुंचे।
आला अधिकारियों ने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। डीएम ने परिजनों से वार्ता की और कहा कि प्रशासन उनके साथ है, मासूम के साथ हुई घटना के आरोपियों को कतई बक्शा नहीं जाएगा। परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।