अयोध्या। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कानपुर में हुए बवाल के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर सोमवार को जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कानपुर का मसला अब अंतरराष्ट्रीय हो चुका है।
भाजपा को इस मामले में देश सहित खाड़ी देशों से माफी मांगनी पड़ रही है। कल कई खाड़ी देशों ने भारत के एंबेसडर को बुलाकर आपत्ति जताई है। पैगंबर के बारे में जो भाजपा के प्रवक्ता ने कहा उसका समर्थन देश में कोई नहीं करेगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र व शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे 15 जून को अयोध्या आएंगे। उनके आगमन की तैयारियों के सिलसिले में शिवसेना सांसद सोमवार को रामनगरी पहुंचे थे।
उन्होंने शहर के एक होटल में पत्रकारों से कहा कि भाजपा के प्रवक्ता बेलगाम हो गये हैं। इनके बयानों से अब विदेशों में भी देश की प्रतिष्ठा पर आंच आ रही है। मजबूरन मोदी सरकार को अब खाड़ी देशों से माफी मांगनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि कानपुर की घटना ने पूरे देश को शर्मसार किया है। उन्होंने भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की ओर से मनसे प्रमुख राजठाकरे के विरोध को भी जायज ठहराया।
कहा कि बृजभूषण शरण सिंह किसी के दबाव में नहीं आने वाले। उनका अपना नेतृत्व है। वह बड़े नेता हैं। माहौल बनाने का उनका अपना एक तरीका है। खुद पहलवान हैं देश के कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं।
वह राज ठाकरे के विरोध को लेकर शिवसेना व बृजभूषण शरण सिंह के डील के सवाल पर भड़क गये। कहा, क्या डील हो सकती है। जो बात बृजभूषण शरण सिंह ने उठाई क्या उससे कोई सहमत नहीं है।
इससे पहले सांसद संजय राउत ने रामलला का दर्शन पूजन कर राममंदिर निर्माण कार्य भी देखा। सांसद ने हनुमंतलला के दरबार में भी माथा टेका।
इस दौरान महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे, अनिल तिवारी, शिवसेना के राज्य प्रमुख अनिल सिंह ठाकुर, अनिरुद्ध त्रिपाठी, देवांशु पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे का 15 जून का अयोध्या दौरा शिवसेना का राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन नहीं है। हमारा यह दौरा धार्मिक और आस्था की भावना से जुड़ा हुआ है।
राउत ने कहा कि आदित्य के साथ महाराष्ट्र से शिवसेना के कुछ प्रमुख नेता आएंगे। अयोध्या आकर कोई बहुत बड़ा माहौल बनाने का शिवसेना का इरादा नहीं है। शिवसेना की आस्था हमेशा से अयोध्या में रही है।
अयोध्या आने से ऊर्जा मिलती है, इस ऊर्जा का प्रयोग हम महाराष्ट्र में करते हैं। कश्मीरी पंडितों के अत्याचार पर भी संजय राउत ने कहा कि यह छोटी घटना नहीं है। कश्मीरी पंडितों को खुलेआम मारा जा रहा है।
अब तक पांच हजार कश्मीरी पंडितों ने कश्मीर छोड़ दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एलान किया है कि विस्थापित हो रहे कश्मीरी पंडित अगर महाराष्ट्र में बसना चाहते हैं तो शिवसेना उनकी पूरी हिफाजत करेगी।
उनको जो भी मदद चाहिए शिवसेना करने को तैयार है। यह बात कोई बीजेपी का नेता कहता तो हमें आनंद आता लेकिन कश्मीर के बारे में भाजपा केवल राजनीति कर रही है।