फिर डीएम व एसएसपी ने शाम को बंगला नंबर 4 व 5 पर वाहन पार्किंग को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया। साथ ही इसके पालन के लिए पांच मजिस्ट्रेटों संग तीन पुलिस अधिकारी और भारी संख्या में फोर्स की सोमवार सुबह से तैनाती के आदेश दिए गए हैं।
वाहन पार्किंग का मामला पहले वकीलों के पक्ष में था। तीन माह पहले नगरपालिका परिषद ने इसके लिए नजूल भूमि में निर्मित बंगला नं. 5 को गिराकर पार्किंग बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
गुरुवार को आए मुख्य सचिव आलोक रंजन के सामने भी वकीलों ने इस मुद्दे को उठाया तो, उन्होंने जल्द पार्किंग के लिए प्रस्तावित जमीन देने का आश्वासन दिया।
एडीएम प्रशासन ने भी आदेश आने से पहले मौके पर साफ-सफाई करा वाहन खड़ा करने की औपचारिक अनुमति देते हुए नगरपालिका के ईओ के निर्देश भी दिए।
ईओ रविशंकर शुक्ल का कहना है कि वे अभी एडीएम के निर्देश पर सफाई की तैयारी ही कर रहे थे कि वकीलों ने मौके पर जेसीबी से बंगला ही गिराना शुरू कर दिया। इसकी रिपोर्ट देर रात उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नगर कोतवाली में अज्ञात 40-50 वकीलों के खिलाफ दर्ज कराई गई है।
इस बीच रविवार शाम जिलाधिकारी अनिल ढींगरा और एसएसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से शनिवार की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को दृष्टिगत रखते हुए सिविल लाइन नजूल भूमि 4039 चक पर और आयुक्त आवास के सामने बने सरकारी आवास संख्या 4 व 5 पर वाहन पार्किंग को पूर्णरूप से निषेध कर दिया गया है।