कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौट रहे पहले दल में शामिल एक महिला यात्री की भारतीय सीमा में प्रवेश करने से ठीक पहले मौत हो गई। उनका शव अभी लिपुलेख दर्रे से करीब चार किलोमीटर दूर तिब्बत में है। दल में शामिल शेष 56 यात्री महिला के शव को मौके पर छोड़कर रविवार सुबह लिपुलेख दर्रा पार कर भारतीय क्षेत्र में आ गए हैं।
आईटीबीपी और जिला प्रशासन ने घटना की जानकारी विदेश मंत्रालय को दे दी है। विदेश मंत्रालय से शव लाने के लिए जैसे ही निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार अगला कदम उठाया जाएगा। इस बीच महिला के शव को लाने के लिए लिपुलेख दर्रे तक गया आईटीबीपी के जवानों का 20 सदस्यीय दल रविवार दोपहर बाद खाली हाथ लौट आया है।
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के नियंत्रण कक्ष को रविवार सुबह करीब आठ बजे सूचना मिली कि पहले दल में शामिल दिल्ली के प्रेमगली बड़ा बाजार कश्मीरी गेट निवासी वीना गुप्ता (54) की लिपुलेख दर्रे से करीब चार किलोमीटर दूर तिब्बती क्षेत्र में मौत हो गई है। आईटीबीपी के अधिकारियों ने बताया कि महिला यात्री की मौत माउंटेन सिकनेस के कारण हुई है। बताया गया कि लिपुलेख के उस पार तिब्बत में अभी भारी बर्फ है, जिसे चीन ने अब तक नहीं हटाया है। इस कारण यात्रियों को बर्फ में चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था, यदि सड़क ठीक होती तो यात्रियों को मात्र 100 मीटर ही पैदल सफर करना पड़ता।
आईटीबीपी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि शव लाने के लिए विदेश मंत्रालय से मदद मांगी गई है। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी विदेश मंत्रालय को दे दी गई है। फिलहाल, महिला के शव को लाने के लिए जो भी मदद की जरूरत होगी, उसे प्रशासन उपलब्ध कराएगा। वहीं, कैलास यात्रियों के पहले दल को जाते समय भी लिपुलेख दर्रे में मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
आईटीबीपी के सेनानी रावत ने बताया कि यात्री की मौत की सूचना मिलते ही उन्होंने 20 जवानों की टीम लिपुलेख दर्रे तक भेज दी थी, लेकिन शव नहीं पहुंचा। अब विदेश मंत्रालय चीन के अधिकारियों से बात करने के बाद भी इसका कोई समाधान निकालेगा।
साथी को खोने से यात्री दुखी
डीडीहाट। मृत महिला यात्री वीना गुप्ता के साथ यात्रा में परिवार का कोई सदस्य नहीं था। अन्य यात्रियों को वीजा प्रतिबंधों के चलते निर्धारित समय पर लिपुलेख दर्रा पार करना पड़ता है। इस कारण दल के अन्य सभी सदस्यों को दर्रा पार करना पड़ा। बताया गया कि अपने एक साथी को खोने से सभी यात्री बेहद दुखी हैं।