तांत्रिक पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी हुआ है। फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज राजेश्वर शुक्ला की अदालत से शनिवार को हुआ। मामला संत कबीर नगर जिले से जुड़ा है। रेप की वारदात अयोध्या के एक मंदिर में हुई थी।
एफआईआर राज्यपाल के आदेश पर दर्ज हुई थी। तीन आरोपियों को पुलिस अभी तक नहीं तलाश पाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पीएम कुद्दूसी ने बताया कि संतकबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाने की रहने वाली एक विवाहिता अपने पति के साथ बहराइच मेला में गई थी।
वहां उसे रामफेर यादव निवासी वारी करमहिया थाना सोनहा जिला बस्ती मिला। विवाहिता के पति से उसकी मित्रता हो गई। रामफेर ने कहा कि यदि वह मेले में ठीक न हो तो अयोध्या में उसके बताए हुए स्थान पर मिले।
तबियत ठीक न होने पर 17 मई 2012 को वह अपने पति के साथ रामफेर के बताए हुए स्थान पर अयोध्या गई। वहां उसे रामफेर एक मंदिर में ले गया। तंत्र-मंत्र का सामान लिखकर उसके पति को अपने साथ आए एक आदमी के साथ लाने के लिए भेज दिया।
इसी बीच मंदिर के ऊपर कमरे में ले जाकर तीन लोगों ने उसके साथ रेप किया। सामान लेकर वह तीन घंटे बाद लौटा तो पत्नी रोने लगी। इस पर वह उसको लेकर घर गया। 22 मई 2012 को भी विवाहिता को उसके पति की हत्या करने की धमकी देकर बुलाया गया।
फिर 24 मई को उसे अयोध्या स्थित मंदिर में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विवाहिता ने सारी बात 26 मई को अपने पति को बताई। उसके पति ने आरोपी को फोन किया तो उसे भी जान से मार डालने की धमकी दी घई। कई दिन तक आरोपियों के डर से दंपती अपनी ससुराल में रहे।
इसकी शिकायत कोतवाली तथा एसएसपी से की गई लेकिन कहीं सुनवाई न हुई। थकहार कर विवाहिता के पति ने इसकी शिकायत राज्यपाल से करके मामले में कार्रवाई करने की याचना की।
राज्यपाल के आदेश पर अयोध्या पुलिस चेती और मामले में चार अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। तीन आरोपी आज भी पुलिस पकड़ से बाहर हैं। रामफेर को अदालत ने गैंगरेप का दोषी पाते हुए शनिवार को सजा सुनाई।