मृतका के पिता लालजीत की तहरीर पर पति के खिलाफ हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज हुई। शुरुआती विवेचना में तत्कालीन तारुन थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। तत्कालीन सीओ ने मामले में फिर से विवेचना करने का आदेश दिया और बाद में हुई विवेचना के बाद 2017 में पति के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पति को दोषी पाते हुए सजा दी है।
विवाहिता की हत्या में पति को उम्रकैद
दहेज के लिए पत्नी की फावड़े से काटकर हत्या कर देने के मामले में पति को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने हत्यारे पति पर 60 हजार का जुर्माना भी लगाया है। फैसला विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट के जज अभिषेक बगड़िया की अदालत से हुआ।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल कुमार सिंह ने बताया कि घटना 20 फरवरी, 2015 की है। रामकरण ने अपनी बेटी रमावती की शादी राजकुमार निवासी पाकरपुर, थाना खंडासा के साथ की थी। उसके तीन बच्चे भी हुए। किसी बात को लेकर घटना वाले दिन 11 बजे पत्नी और पति मेें झगड़ा हुआ। पति ने फावड़े से पत्नी को सिर पर मार दिया जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई थी।
इसके बाद मृतका के पिता ने रामकरन ने अपने दामाद के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने राजकुमार के खिलाफ हत्या की धारा में आरोप पत्र अदालत में प्रेषित किया। आरोपी घटना के समय से जेल में ही है। शनिवार को वह जेल से तलब किया गया था। सजा सुनाए जाने के बाद उसे फिर सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया।